Amrit pal singh
Attend session: पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट को सूचित किया गया कि लोकसभा के नियमों में ऐसा कोई प्रावधान नहीं है जो किसी सांसद को वर्चुअल माध्यम (Online) से सदन की कार्यवाही में शामिल होने की अनुमति देता हो।
डिब्रूगढ़ जेल में बंद है अमृतपाल सिंह
यह दलील खदूर साहिब से सांसद और वर्तमान में असम की डिब्रूगढ़ जेल में बंद अमृतपाल सिंह की याचिका पर सुनवाई के दौरान दी गई। अमृतपाल ने संसद के चल रहे बजट सत्र में शामिल होने के लिए पंजाब सरकार द्वारा पैरोल (अस्थायी रिहाई) न दिए जाने के फैसले को चुनौती दी है।
केंद्र सरकार और लोकसभा की दलीलें
- भारत के एडिशनल सॉलिसिटर जनरल (ASG) सत्यपाल जैन ने लोकसभा अध्यक्ष और केंद्र सरकार की ओर से कोर्ट को बताया।
- शारीरिक उपस्थिति अनिवार्य: संवैधानिक आवश्यकताओं के अनुसार सांसदों का सदन में शारीरिक रूप से उपस्थित होना अनिवार्य है।
- लोकसभा की भूमिका नहीं: लोकसभा सचिवालय ने अमृतपाल को पत्र लिखकर स्पष्ट किया है कि हिरासत में लिए गए सांसदों को सत्र में शामिल होने की अनुमति देना डिटेनिंग अथॉरिटी (पंजाब सरकार) का काम है, इसमें लोकसभा की कोई भूमिका नहीं है।
- सीट खाली होने का खतरा: यदि कोई सांसद लगातार 60 दिनों तक सदन से अनुपस्थित रहता है, तो उसकी सीट खाली घोषित की जा सकती है। अमृतपाल अब तक 37 दिनों से अनुपस्थित रहे हैं। हालांकि, वे लोकसभा की एक विशेष समिति के पास अनुपस्थिति माफ करने (Condonation) के लिए आवेदन कर सकते हैं।
पंजाब सरकार का रुख
इससे पहले पंजाब सरकार ने अमृतपाल की पैरोल याचिका को यह कहते हुए खारिज कर दिया था कि उनकी रिहाई से “राज्य की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था के लिए गंभीर खतरा” पैदा हो सकता है। अमृतपाल राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (NSA) के तहत जेल में बंद हैं।
मामले की पृष्ठभूमि
- सांसद के मुद्दे: अमृतपाल संसद में पंजाब में 2025 की बाढ़, नशे के बढ़ते मामलों और अपने निर्वाचन क्षेत्र खदूर साहिब के विकास के मुद्दे उठाना चाहते हैं।
- गिरफ्तारी: अमृतपाल ‘वारिस पंजाब दे’ के प्रमुख हैं और उन्हें अप्रैल 2023 में मोगा से गिरफ्तार किया गया था।
- बजट सत्र: सत्र का पहला चरण 13 फरवरी को समाप्त होगा और दूसरा चरण 9 मार्च से 2 अप्रैल तक चलेगा।





