LPG FIRM-SUPPLY: ईरान युद्ध के कारण उपजे ऊर्जा संकट के बीच रसोई गैस (LPG) की सप्लाई में कमी को लेकर बॉम्बे हाई कोर्ट ने कड़ा रुख अपनाया है।
कोर्ट ने केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय और एक निजी कंपनी को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। छह LPG वितरकों (Distributors) ने याचिका दायर कर आरोप लगाया है कि घरेलू वितरण को प्राथमिकता देने के केंद्र के निर्देशों के बावजूद निजी कंपनियां सप्लाई में कोताही बरत रही हैं।
विवाद का मुख्य कारण: ‘निर्यात’ बनाम ‘घरेलू मांग’
- याचिकाकर्ताओं के वकील श्याम देवाणी और साहिल देवाणी के माध्यम से दायर याचिका में दावे किए गए हैं।
- युद्ध का असर: ईरान युद्ध के कारण वैश्विक कच्चे तेल की आपूर्ति बाधित हुई है, जिससे LPG उत्पादन पर दबाव बढ़ा है।
- सरकारी निर्देश: पेट्रोलियम मंत्रालय ने आदेश दिया है कि घरेलू उपभोक्ताओं के लिए LPG उत्पादन और आपूर्ति को प्राथमिकता दी जाए।
- निजी कंपनी का रुख: याचिका में आरोप लगाया गया कि नागपुर स्थित कॉन्फिडेंस पेट्रोलियम इंडिया लिमिटेड ने घरेलू सप्लाई बढ़ाने के बजाय अपने ‘एक्सपोर्ट बिजनेस’ को प्राथमिकता दी। कंपनी ने कथित तौर पर वितरकों से कहा कि वे अपनी निर्यात रणनीति के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार को अनदेखा नहीं कर सकते।
हाई कोर्ट की सख्त टिप्पणी और निर्देश
जस्टिस अनिल एस. किलोर और जस्टिस राज डी. वाकोडे की पीठ ने मामले की गंभीरता को देखते हुए निर्देश दिया। कहा, “अंतरिम उपाय के तौर पर, सरकार की उस नीति का सख्ती से पालन किया जाना चाहिए जिसमें घरेलू LPG सिलेंडरों की आपूर्ति को प्राथमिकता देने की बात कही गई है।” अदालत ने पेट्रोलियम मंत्रालय, विदेश व्यापार महानिदेशालय (DGFT) और कॉन्फिडेंस पेट्रोलियम को नोटिस जारी किया है, जिसका जवाब सोमवार तक देना है।
याचिकाकर्ताओं की मांग
- निर्यात पर रोक: जब तक घरेलू बाजार में स्थिति सामान्य नहीं हो जाती, तब तक LPG के निर्यात पर रोक लगाई जाए।
- पर्याप्त आपूर्ति: पेट्रोलियम मंत्रालय यह सुनिश्चित करे कि महाराष्ट्र के नागपुर और अन्य जिलों में घरों, होटलों और छोटे उद्योगों के लिए पर्याप्त मात्रा में गैस उपलब्ध हो।
क्या होगा असर?
इस आदेश के बाद अब निजी कंपनियों के लिए घरेलू बाजार की मांग को नजरअंदाज कर गैस का निर्यात करना मुश्किल होगा। इससे दिल्ली और महाराष्ट्र जैसे राज्यों में गैस की किल्लत और संभावित कालाबाजारी पर लगाम लगने की उम्मीद है।

