Bitcoin Case: सुप्रीम कोर्ट ने कहा, भारत में बिटकॉइन की ट्रेडिंग एक परिष्कृत हवाला कारोबार जैसा है।
बिटकॉइन से जुड़ी एक याचिका पर सुनवाई की
जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस एन कोटिश्वर सिंह की बेंच ने कहा कि दो साल पहले भी बिटकॉइन से जुड़ी एक याचिका पर सुनवाई करते हुए केंद्र से पूछा गया था कि वह क्रिप्टो ट्रेडिंग को लेकर अपनी नीति स्पष्ट करे, लेकिन अब तक कोई जवाब नहीं आया है। कोर्ट ने यह टिप्पणी उस समय की जब वह बिटकॉइन की अवैध ट्रेडिंग के आरोप में गिरफ्तार शैलेश बाबूलाल भट्ट की जमानत याचिका पर सुनवाई कर रहा था। कोर्ट ने यह भी कहा कि केंद्र सरकार अब तक वर्चुअल करेंसी को लेकर कोई स्पष्ट नीति नहीं ला सकी है। सुप्रीम कोर्ट उस मामले की सुनवाई कर रहा था, जिसमें एक व्यक्ति पर देशभर में निवेशकों को बिटकॉइन में निवेश कराकर मोटा रिटर्न देने का झांसा देकर ठगने के आरोप में कई एफआईआर दर्ज हुई थीं।
बिटकॉइन ट्रेडिंग भारत में अवैध नहीं है: मुकुल
भट्ट की ओर से पेश सीनियर एडवोकेट मुकुल रोहतगी ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट पहले ही रिजर्व बैंक के उस सर्कुलर को रद्द कर चुका है, जिसमें बिटकॉइन ट्रेडिंग पर रोक थी। ऐसे में बिटकॉइन ट्रेडिंग भारत में अवैध नहीं है और उनके मुवक्किल की गिरफ्तारी गलत है। इस पर जस्टिस सूर्यकांत ने कहा, “मैं खुद बिटकॉइन के बारे में ज्यादा नहीं जानता, लेकिन इतना समझता हूं कि कुछ बिटकॉइन असली होते हैं और कुछ नकली। भारत में बिटकॉइन की ट्रेडिंग एक परिष्कृत हवाला कारोबार की तरह है, क्योंकि अभी तक कोई रेगुलेशन नहीं है।”
बिटकॉइन की वैल्यू बहुत ज्यादा: रोहतगी
रोहतगी ने कहा कि बिटकॉइन की वैल्यू बहुत ज्यादा है। कोई व्यक्ति विदेश में सिर्फ एक बिटकॉइन लेकर शोरूम में जाए तो कार खरीद सकता है। उन्होंने बताया कि रविवार को एक बिटकॉइन की कीमत 82 लाख रुपए थी। हालांकि उन्होंने भी माना कि उन्हें इस ट्रेड की ज्यादा जानकारी नहीं है।
गुजरात सरकार और ईडी की दलील
गुजरात सरकार और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की ओर से पेश एडिशनल सॉलिसिटर जनरल ऐश्वर्या भाटी ने कहा कि यह मामला सिर्फ बिटकॉइन ट्रेडिंग का नहीं है, इसलिए वे जमानत याचिका पर विस्तृत जवाब दाखिल करना चाहते हैं। कोर्ट ने राज्य सरकार और ईडी को 10 दिन में जवाब दाखिल करने का समय दिया है और अगली सुनवाई 19 मई को तय की है।
भट्ट की गिरफ्तारी और हाईकोर्ट का फैसला
शैलेश भट्ट ने दावा किया है कि उन्हें 14 अगस्त 2023 को पुलिस ने गिरफ्तार किया था और तब से वे हिरासत में हैं। उन्होंने गुजरात हाईकोर्ट के 25 फरवरी 2024 के उस आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है, जिसमें उन्हें जमानत देने से इनकार कर दिया गया था।
केंद्र की स्थिति अब तक स्पष्ट नहीं
जनवरी 2023 में केंद्र ने सुप्रीम कोर्ट को बताया था कि वह अभी क्रिप्टोकरेंसी को रेगुलेट करने और इससे जुड़े अपराधों की जांच के लिए कोई ठोस व्यवस्था तय नहीं कर सका है। इससे पहले 25 फरवरी 2022 को सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र से पूछा था कि बिटकॉइन या अन्य क्रिप्टोकरेंसी की ट्रेडिंग भारत में वैध है या नहीं।

