Shwetasree Majumder Advocate
Withdraws consent: दिल्ली हाईकोर्ट की जज बनने के लिए सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम की सिफारिश के करीब एक साल बाद वकील श्वेताश्री मजूमदार ने अपनी सहमति वापस ले ली है।
केंद्र सरकार ने उनके नाम पर कोई फैसला नहीं लिया
केंद्र सरकार ने उनके नाम पर कोई फैसला नहीं लिया, जबकि उनके साथ भेजे गए दो अन्य वकीलों की नियुक्ति जनवरी 2025 में कर दी गई थी। कॉलेजियम ने 21 अगस्त 2023 को तीन वकीलों—अजय दिगपाल, हरीश वैद्यनाथन शंकर और श्वेताश्री मजूमदार—के नाम दिल्ली हाईकोर्ट के जज पद के लिए केंद्र को भेजे थे। केंद्र ने दिगपाल और शंकर की नियुक्ति 6 जनवरी 2025 को मंजूर कर दी, लेकिन मजूमदार के नाम पर कोई निर्णय नहीं लिया गया। न ही कोई कारण बताया गया।
कानून क्षेत्र में 500 से ज्यादा मामलों में पेश हो चुकी हैं
श्वेताश्री मजूमदार Fidus Law Chambers की मैनेजिंग पार्टनर हैं, जिसे उन्होंने 2008 में शुरू किया था। वे बेंगलुरु स्थित नेशनल लॉ स्कूल ऑफ इंडिया यूनिवर्सिटी की पूर्व छात्रा हैं। उन्होंने देश की विभिन्न हाईकोर्ट्स और सुप्रीम कोर्ट में 500 से ज्यादा मामलों में पैरवी की है। दिल्ली हाईकोर्ट की कई बेंचों ने उन्हें एमिकस क्यूरी (न्याय मित्र) भी नियुक्त किया है। 2018 में दिल्ली हाईकोर्ट (ओरिजिनल साइड) नियमों का मसौदा तैयार करने वाली छह सदस्यीय समिति में भी वे शामिल थीं।






