UP POLICE: उत्तर प्रदेश सरकार ने बताया, वह एक गाइडलाइन तैयार कर रही है, जिसके तहत पुलिसकर्मी किसी भी विवादित संपत्ति पर कोर्ट की अनुमति के बिना नहीं जाएंगे।
जनहित याचिका की हो रही थी सुनवाई
इलाहाबाद हाईकोर्ट को यूपी सरकार ने कहा, वे ऐसे मामलों में पक्षकारों के वकीलों से सीधे संपर्क भी नहीं कर सकेंगे। यह बात एक जनहित याचिका की सुनवाई के दौरान सामने आई। यह याचिका जौनपुर जिले के एक गांव की ग्राम सभा की जमीन पर कथित कब्जे को लेकर दायर की गई थी। याचिकाकर्ता 90 वर्षीय बुजुर्ग ने आरोप लगाया था कि स्थानीय पुलिस अधिकारी उस पर याचिका वापस लेने का दबाव बना रहे हैं। याचिकाकर्ता के वकील ने यह भी आरोप लगाया कि पुलिस ने उनके घर पर छापा मारा।
15 जुलाई को जौनपुर एसपी ने दाखिल किया था हलफनामा
15 जुलाई को जौनपुर के एसपी ने हलफनामा दाखिल कर बताया कि इस मामले में दो पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर दिया गया है और अन्य संबंधित कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। सुनवाई के दौरान अतिरिक्त महाधिवक्ता मनीष गोयल ने न्यायमूर्ति जेजे मुनीर को बताया कि राज्य सरकार पूरे प्रदेश के लिए ऐसी गाइडलाइन बनाने में 10 दिन का समय लेगी। कोर्ट ने यह समय देते हुए राज्य सरकार और जौनपुर एसपी को अगला हलफनामा दाखिल करने के लिए कहा है।

