Sunday, September 20, 2026
HomeLaworder HindiRESERVATION case: आरक्षण में अब आर्थिक आधार की मांग, सुप्रीम कोर्ट ने...

RESERVATION case: आरक्षण में अब आर्थिक आधार की मांग, सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र से मांगा जवाब

RESERVATION case: सुप्रीम कोर्ट सरकारी नौकरियों में आरक्षण की नीति को ज्यादा समान और न्यायसंगत बनाने के लिए दिशा-निर्देश तय करने की मांग वाली जनहित याचिका पर सुनवाई करेगी।

बिना मौजूदा कोटा बदले, समान अवसर सुनिश्चित करेगी

न्यायमूर्ति सूर्यकांत और जॉयमाल्य बागची की पीठ ने केंद्र को नोटिस जारी कर 10 अक्टूबर तक जवाब मांगा है। यह याचिका रामाशंकर प्रजापति और यमुना प्रसाद ने दाखिल की है। कोर्ट ने याचिकाकर्ता के वकील से कहा कि उन्हें इस याचिका पर काफी विरोध झेलने के लिए तैयार रहना चाहिए, क्योंकि इसका असर दूरगामी हो सकता है। याचिका में कहा गया है कि यह पहल संविधान के अनुच्छेद 14, 15 और 16 को मजबूत करेगी और बिना मौजूदा कोटा बदले, समान अवसर सुनिश्चित करेगी।

आर्थिक रूप से कमजोर को नहीं मिल पा रहा लाभ

याचिका में कहा गया है कि दशकों से आरक्षण लागू होने के बावजूद, आरक्षित वर्गों के भीतर आर्थिक रूप से सबसे कमजोर तबकों को इसका पूरा लाभ नहीं मिल पा रहा है। अपेक्षाकृत संपन्न वर्गों ने इसका ज्यादा फायदा उठाया है।

आरक्षण का उद्देश्य फिर से परिभाषित करने की जरूरत

याचिकाकर्ताओं ने कहा कि वे स्वयं अनुसूचित जाति (SC) और अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) से हैं और इस याचिका के जरिए इन समुदायों के भीतर मौजूद आर्थिक असमानता को उजागर करना चाहते हैं। आरक्षण की मौजूदा व्यवस्था का उद्देश्य ऐतिहासिक रूप से वंचित समुदायों को ऊपर उठाना था, लेकिन अब इसका लाभ अपेक्षाकृत संपन्न और सामाजिक रूप से ऊंचे दर्जे वाले लोगों को ज्यादा मिल रहा है। इससे सबसे गरीब तबकों को अवसर नहीं मिल पा रहे हैं।

आर्थिक आधार पर प्राथमिकता की मांग

याचिका में कहा गया है कि आरक्षण नीति में आय आधारित प्राथमिकता को शामिल करने की जरूरत है, ताकि राज्य की मदद उन्हीं तक पहुंचे, जिन्हें इसकी सबसे ज्यादा जरूरत है।

SC-ST आरक्षण में आय आधारित प्राथमिकता लाने का प्रस्ताव

याचिका में कहा गया है कि प्रस्तावित व्यवस्था SC-ST समुदायों के भीतर सबसे वंचित लोगों को प्राथमिकता देने का प्रयास है।

75 साल में कुछ ही लोगों को मिला फायदा

याचिका में कहा गया है कि बीते 75 वर्षों में आरक्षण का लाभ आरक्षित वर्गों के कुछ ही लोगों तक सीमित रह गया है। इससे समुदायों के भीतर आर्थिक असमानता बढ़ी है और समग्र विकास नहीं हो पाया है।

आरक्षण सामाजिक न्याय का माध्यम

याचिका में यह भी कहा गया है कि कोटा सिस्टम सामाजिक न्याय का एक उपकरण है, जिसका उद्देश्य सदियों से वंचित समुदायों के साथ हुए भेदभाव और आर्थिक पिछड़ेपन को दूर करना था।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular

Patna
clear sky
33 ° C
33 °
33 °
66 %
2.1kmh
8 %
Sun
34 °
Mon
36 °
Tue
36 °
Wed
37 °
Thu
31 °

Recent Comments