Supreme Court View
Negotiable Instruments Act: सुप्रीम कोर्ट ने कहा, अकाउंट पेयी चेक बाउंस होने पर शिकायत सिर्फ उसी कोर्ट में दर्ज की जा सकती है, जहां पेयी (जिसके नाम चेक है) का बैंक खाता है।
नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट की व्याख्या की
शीर्ष कोर्ट ने साफ किया कि अगर चेक किसी दूसरी ब्रांच में जमा भी किया गया हो, तब भी केस उसी कोर्ट में चलेगा, जिसके क्षेत्र में पेयी की होम ब्रांच आती है। जस्टिस जेबी पारदीवाला और जस्टिस आर महादेवन की बेंच ने नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट, 1881 की धारा 142(2)(a) की व्याख्या करते हुए फैसला सुनाया।
वर्ष 2015 के संशोधन का दिया हवाला
कोर्ट ने कहा कि 2015 में जो संशोधन हुआ था, उसमें यह प्रावधान जोड़ा गया था कि अगर चेक पेयी की किसी भी ब्रांच में जमा किया जाए, तो उसे कानूनी रूप से पेयी की होम ब्रांच में जमा किया हुआ ही माना जाएगा। इसका मकसद फोरम शॉपिंग (सुविधा के अनुसार कोर्ट चुनना) को रोकना और एकरूपता बनाए रखना है।






