Allahabad High Court...AI Image
Service Matter: इलाहाबाद हाई काेर्ट ने सीआईएसएफ कर्मी को नाैकरी से हटाने के केंद्र के फैसले काे रद्द किया।
सीआईएसएफ कर्मी के नाैकरी से निकाले जाने का मामला
इलाहाबाद हाई कोर्ट ने कहा है कि किसी सीआईएसएफ कर्मी को केवल इस आधार पर नौकरी से नहीं हटाया जा सकता है कि वह किसी आपराधिक मामले में जेल गया है। हाई कोर्ट ने कहा, जब तक दोष सिद्ध न हो, तब तक गिरफ्तारी या हिरासत को अनुशासनात्मक कार्रवाई का आधार नहीं बनाया जा सकता।
कर्तव्यों में लापरवाही अनुशासनहीनता या अयोग्यता स्थापित हाेना जरुरी: कोर्ट
हाई कोर्ट ने केंद्र सरकार की अपील खारिज करते हुए सीआईएसएफ के एक हेड कांस्टेबल काे नाैकरी से निकालने के केंद्र सरकार के निर्णय काे रद्द करने का एकल जज के फैसले काे बरकरार रखा। हाई कोर्ट के जस्टिस राजन रॉय और राजीव भारती की पीठ ने कहा कि किसी कर्मचारी को हटाने या बर्खास्त करने के लिए यह आवश्यक है कि उसके कर्तव्यों में लापरवाही अनुशासनहीनता या अयोग्यता स्थापित हो।
हत्या के मामले में आरोपी है सीआईएसएफ हेड कांस्टेबल
याचिकाकर्ता सीआईएसएफ हेड कांस्टेबल पर 2019 में हत्या के मामले में एफआईआर दर्ज हुई थी। वह कुछ समय जेल में रहा और फिर जमानत पर रिहा हुआ। इसके बाद उसने ड्यूटी पर लौटने की मांग की, लेकिन उसे सीआईएसएफ नियम, 2001 के तहत निलंबलन के बाद उसे नौकरी से निकाल दिया था।





