Dedicated helpline: इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने बुधवार को उत्तर प्रदेश सरकार से राज्य स्तर पर एक समर्पित हेल्पलाइन शुरू करने को कहा है, ताकि सड़कों पर भटक रहे निराश्रित लोगों की पहचान कर उनकी मदद की जा सके।
जनहित याचिका पर सुनवाई
यह निर्देश निराश्रित व्यक्तियों की पहचान और पुनर्वास से जुड़े एक जनहित याचिका पर सुनवाई के दौरान दिए गए। अदालत ने उम्मीद जताई कि इस संबंध में राज्य सरकार अगली सुनवाई 23 फरवरी तक एक ठोस कार्ययोजना पेश करेगी।
चार हेल्पलाइन नंबर जारी किए जाएं
न्यायमूर्ति राजन रॉय और न्यायमूर्ति ए.के. चौधरी की खंडपीठ ने ज्योति राजपूत द्वारा दायर याचिका पर यह आदेश पारित किया। अदालत ने निर्देश दिया कि कम से कम चार हेल्पलाइन नंबर जारी किए जाएं और उनका व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए, ताकि कोई भी नागरिक जब किसी निराश्रित व्यक्ति को देखे तो तुरंत संबंधित हेल्पलाइन पर सूचना दे सके।
टास्क फोर्स प्रभावी ढंग से कार्य कर सकेंगे
हाईकोर्ट ने कहा कि सूचना मिलने के बाद संबंधित राज्य अधिकारी मौके पर पहुंचकर निराश्रित व्यक्ति को राहत, सुरक्षा और पुनर्वास उपलब्ध कराएं। अदालत ने यह भी कहा कि इस चरण में राज्य सरकार द्वारा गठित 11 सदस्यीय टास्क फोर्स की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण हो जाती है। हेल्पलाइन पर प्राप्त सूचनाओं के आधार पर यह टास्क फोर्स प्रभावी ढंग से कार्य कर सकती है और 24 दिसंबर 2025 के सरकारी आदेश के अनुरूप निराश्रितों की पहचान और सहायता सुनिश्चित कर सकती है।

