Prashant Kishore....File Photo
Prashant Kishor’s appeal: प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी ने सुप्रीम कोर्ट पहुंचकर बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के परिणाम को चुनौती दी है।
आरोप: “भ्रष्ट आचरण” और सरकारी मशीनरी के दुरुपयोग
पूर्व चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी (JSP) ने बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के परिणामों को रद्द करने और राज्य में नए सिरे से चुनाव कराने की मांग करते हुए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। पार्टी ने चुनाव प्रक्रिया में “भ्रष्ट आचरण” और सरकारी मशीनरी के दुरुपयोग के गंभीर आरोप लगाए हैं। यह मामला शुक्रवार (6 फरवरी 2026) को मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्य बागची की बेंच के सामने सुनवाई के लिए आ सकता है।
याचिका में लगाए गए मुख्य आरोप
- जन सुराज पार्टी की याचिका मुख्य रूप से दो बड़े मुद्दों पर आधारित है।
- आचार संहिता का उल्लंघन (DBT स्कीम): * आरोप है कि चुनाव कार्यक्रम की घोषणा के बाद बिहार सरकार ने ‘मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना’ के तहत करीब 25-35 लाख महिला मतदाताओं के बैंक खातों में ₹10,000 की राशि सीधे ट्रांसफर (DBT) की।
- पार्टी का कहना है कि यह मतदाताओं को सीधे तौर पर प्रभावित करने वाला “वित्तीय प्रलोभन” था, जो जन प्रतिनिधित्व अधिनियम की धारा 123 के तहत ‘रिश्वत’ की श्रेणी में आता है।
- जीविका दीदियों का दुरुपयोग: याचिका में कहा गया है कि राज्य सरकार ने मतदान के दोनों चरणों में पोलिंग बूथों पर लगभग 1.80 लाख जीविका (JEEVIKA) महिला लाभार्थियों को तैनात किया, जिससे चुनाव की निष्पक्षता प्रभावित हुई।
जन सुराज की मांगें
- चुनाव रद्द हों: पार्टी ने 2025 के बिहार विधानसभा चुनाव परिणामों को ‘शून्य और अमान्य’ (Null and Void) घोषित करने की मांग की है।
- नई गाइडलाइंस: सुप्रीम कोर्ट से अनुरोध किया गया है कि चुनाव आयोग को ‘मुफ्त उपहार’ (Freebies) और चुनाव से ठीक पहले लागू होने वाली लोक कल्याणकारी योजनाओं के लिए सख्त गाइडलाइंस बनाने का निर्देश दिया जाए।
- कूलिंग-ऑफ पीरियड: पार्टी चाहती है कि किसी भी बड़ी योजना के क्रियान्वयन और चुनाव घोषणा के बीच कम से कम 6 महीने का अंतर (Cooling-off Period) अनिवार्य किया जाए।
चुनाव परिणाम एक नजर में
- हाल ही में संपन्न हुए इन चुनावों में NDA ने प्रचंड बहुमत हासिल किया है, जबकि जन सुराज का प्रदर्शन निराशाजनक रहा।
- NDA (BJP-JDU-LJP-S): 202 सीटें (भारी बहुमत के साथ सत्ता बरकरार)
- INDIA गठबंधन (RJD-Congress-Left): 35 सीटें
- जन सुराज पार्टी: 0 सीटें (अधिकतर उम्मीदवारों की जमानत जब्त)
- प्रशांत किशोर का तर्क: अगर नीतीश कुमार सरकार ने चुनाव से ठीक पहले ₹10,000 नहीं बांटे होते और ₹2 लाख देने का वादा नहीं किया होता, तो उनकी पार्टी 25 सीटों तक सिमट जाती।







