Monday, February 16, 2026
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Saregama’s copyright: म्यूजिक लेबल सारेगामा इंडिया लिमिटेड बनाम दिग्गज संगीतकार इलैयाराजा…यह है मामला

दिल्ली उच्च न्यायालय ने म्यूजिक लेबल Saregama India Limited के पक्ष में एकतरफा अंतरिम निषेधाज्ञा जारी की है।

संगीत कार्यों का उपयोग करने या लाइसेंस देने से रोक दिया

कोर्ट ने प्रसिद्ध संगीतकार इलैयाराजा को उन Sound Recordings और संगीत कार्यों का उपयोग करने या लाइसेंस देने से रोक दिया है, जिन पर कंपनी अपना कॉपीराइट होने का दावा करती है। न्यायमूर्ति तुषार राव गेडेला ने 13 फरवरी, 2026 को सारेगामा द्वारा दायर एक वाणिज्यिक मुकदमे की सुनवाई के दौरान यह आदेश पारित किया।

सारेगामा का पक्ष और आरोप

  • कॉपीराइट का दावा: सारेगामा ने अदालत को बताया कि उसके पास 1976 और 2001 के बीच फिल्म निर्माताओं के साथ किए गए ‘असाइनमेंट समझौतों’ के आधार पर भारतीय भाषाओं के फिल्मी संगीत का एक बड़ा कैटलॉग है।
  • पूर्ण अधिकार: कंपनी के अनुसार, इन समझौतों ने उसे दुनिया भर में इन कार्यों को पुन: पेश करने, लाइसेंस देने और व्यावसायिक रूप से उपयोग करने का विशेष और स्थायी अधिकार दिया है।
  • उल्लंघन का आरोप: मुकदमे में आरोप लगाया गया कि फरवरी 2026 में, इलैयाराजा ने इन गानों का स्वामित्व होने का दावा करते हुए अमेज़ॅन म्यूजिक, आईट्यून्स और जियोसावन जैसे प्लेटफार्मों पर गाने अपलोड करना और तीसरे पक्ष को लाइसेंस देना शुरू कर दिया।

कानूनी तर्क

सारेगामा की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता चंदर एम. लाल ने तर्क दिया कि कॉपीराइट अधिनियम के तहत, फिल्म निर्माता ही फिल्म के लिए बनाए गए संगीत और साउंड रिकॉर्डिंग के पहले मालिक माने जाते हैं (जब तक कि कोई अन्य अनुबंध न हो)। चूंकि निर्माताओं ने ये अधिकार सारेगामा को सौंपे थे, इसलिए इलैयाराजा के पास इनका व्यक्तिगत रूप से उपयोग करने का अधिकार नहीं है।

अदालत का निर्णय

दस्तावेजों और दलीलों की जांच के बाद, अदालत ने पाया कि सारेगामा के पक्ष में एक मजबूत प्रथम दृष्टया (Prima Facie) मामला बनता है। कोर्ट ने कहा,
यह वादी (सारेगामा) के पक्ष में है। यदि इलैयाराजा इन गानों का उपयोग जारी रखते हैं, तो कंपनी को ऐसी हानि हो सकती है जिसकी भरपाई पैसों से नहीं की जा सकेगी।

अगली कार्रवाई

अदालत ने इलैयाराजा और उनके एजेंटों को आदेश में सूचीबद्ध फिल्मों की साउंड रिकॉर्डिंग या संगीत कार्यों का उपयोग करने या उन पर मालिकाना हक जताने से रोक दिया है। इलैयाराजा को 30 दिनों के भीतर अपना लिखित बयान दर्ज करना होगा। मामले की अगली सुनवाई 2 अप्रैल, 2026 को होगी।

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