Wednesday, August 5, 2026
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Relief for Homebuyers: ग्रेटर नोएडा में 4,200 से अधिक घर और ऑफिस खरीदारों को राहत…इस केस में अथॉरिटी को लगी फटकार, यह है खबर

Relief for Homebuyers: सुप्रीम कोर्ट ने अर्थ इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड’ (Earth Infrastructures Ltd) के फंसे हुए प्रोजेक्ट्स के 4,200 से अधिक घर और ऑफिस खरीदारों को बड़ी राहत दी है।

अल्फा कॉर्प डेवलपमेंट बनाम ग्रेटर नोएडा केस में सुनवाई

जस्टिस पी.वी. संजय कुमार और जस्टिस आलोक अराधे की पीठ ने उन ‘इनसोलवेंसी प्लान’ (Insolvency Plans) को बहाल कर दिया है, जिन्हें नेशनल कंपनी लॉ अपीलेट ट्रिब्यूनल (NCLAT) ने रद्द कर दिया था। अदालत ने ग्रेटर नोएडा औद्योगिक विकास प्राधिकरण (GNIDA) की ‘अकर्मण्यता’ (Inaction) के लिए उसे कड़ी फटकार लगाई और प्रोजेक्ट्स को पूरा करने का रास्ता साफ किया। यह मामला अल्फा कॉर्प डेवलपमेंट बनाम ग्रेटर नोएडा से जुड़ा है। सुप्रीम कोर्ट ने साफ किया कि खरीदारों के हितों की रक्षा करना सबसे ऊपर है।

केस के मुख्य बिंदु (Key Highlights)

विवरणतथ्य
कुल लाभार्थी4,229 घर और ऑफिस खरीदार।
मुख्य प्रोजेक्ट्सअर्थ टाउन, टेकवन, सफायर कोर्ट, कॉपिया।
कोर्ट का आदेशदंड ब्याज और पेनाल्टी पूरी तरह माफ।
पंजीकरण शर्तGNIDA का बकाया चुकाने के बाद ही सब-लीज (Sub-Lease) का दर्जा मिलेगा।

समाधान योजनाओं की बहाली (Restoration of Resolution Plans)

  • सुप्रीम कोर्ट ने दो कंपनियों द्वारा प्रस्तुत समाधान योजनाओं को मंजूरी दे दी है।
  • रोमा यूनिकॉन डिजाइनएक्स कंसोर्टियम: यह ‘अर्थ टाउन’ (Earth Towne) प्रोजेक्ट को पूरा करेगी।
  • अल्फा कॉर्प डेवलपमेंट प्राइवेट लिमिटेड: यह ‘अर्थ टेकवन’, ‘अर्थ सफायर कोर्ट’ और ‘अर्थ कॉपिया’ प्रोजेक्ट्स की जिम्मेदारी संभालेगी।

GNIDA को फटकार और जुर्माने पर रोक

  • अदालत ने ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी (GNIDA) के रवैये की आलोचना करते हुए कई टिप्पणी की।
  • अकर्मण्यता (Inertia): GNIDA की ओर से निष्क्रियता और खरीदारों के हितों की रक्षा करने में विफलता उसे दंड ब्याज (Penal Interest) या देरी के जुर्माने वसूलने का हकदार नहीं बनाती।
  • केवल मूलधन की वसूली: कोर्ट ने GNIDA को निर्देश दिया कि वह पेनाल्टी और दंड ब्याज हटाकर केवल मूल राशि (Principal Amount) की गणना करे।
  • खरीदारों पर बोझ नहीं: कोर्ट ने स्पष्ट आदेश दिया कि सफल समाधान आवेदक (Alpha और Roma) इस बकाया राशि का भुगतान खुद करेंगे और इसका बोझ उन खरीदारों पर नहीं डालेंगे जो पहले ही देरी के कारण बहुत कष्ट झेल चुके हैं।

भुगतान और निर्माण की समय-सीमा

  • पुनर्गणना (Recalculation): GNIDA को दो सप्ताह के भीतर बकाया मूलधन की जानकारी देनी होगी।
  • किस्तें: बकाया राशि का भुगतान 24 समान मासिक किस्तों में किया जाएगा। पहली किस्त 7 जुलाई, 2026 तक देनी होगी।
  • काम की शुरुआत: प्रोजेक्ट्स को पूरा करने की समय-सीमा 1 जून, 2026 से शुरू मानी जाएगी।
  • रजिस्ट्री: खरीदारों के पक्ष में फ्लैट या ऑफिस की रजिस्ट्री तभी होगी जब GNIDA का पूरा बकाया चुका दिया जाएगा।

मामले का संक्षिप्त इतिहास (Background)

  • 2018: अर्थ इंफ्रास्ट्रक्चर के खिलाफ दिवालियापन की कार्यवाही (Insolvency Proceedings) शुरू हुई।
  • विवाद: NCLAT ने यह कहते हुए समाधान योजनाओं को रद्द कर दिया था कि GNIDA (जो जमीन का मालिक है) को उचित पक्षकार नहीं बनाया गया था।
  • SC का फैसला: सुप्रीम कोर्ट ने माना कि तकनीकी आधार पर समाधान योजनाओं को रद्द करना खरीदारों के साथ अन्याय होगा, जो वर्षों से अपने घर का इंतजार कर रहे हैं।

खरीदारों की जीत

यह फैसला रियल एस्टेट सेक्टर के लिए एक मिसाल है। सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट संदेश दिया है कि विकास अधिकारियों (Authorities) की लापरवाही की सजा आम खरीदारों को नहीं मिलनी चाहिए। समाधान योजनाओं की बहाली से हजारों परिवारों का अपने घर का सपना अब हकीकत में बदल सकेगा।

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