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All India Bar Exam: बार काउंसिल ऑफ इंडिया (BCI) ने मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट को सूचित किया कि उसने नए नियम (BCI Rules 2026) तैयार कर लिए हैं।
यह है नई व्यवस्था
नए नियम के तहत अब LLB के अंतिम सेमेस्टर (Final Semester) के छात्र भी ‘ऑल इंडिया बार एग्जाम’ (AIBE) में बैठ सकेंगे। साथ ही, अब यह परीक्षा साल में दो बार आयोजित की जाएगी।
प्रमुख बदलाव और अदालती कार्यवाही
- समय की बचत: सुप्रीम कोर्ट ने माना कि यदि अंतिम वर्ष के छात्रों को परीक्षा में बैठने की अनुमति नहीं दी जाती, तो उनका एक पूरा साल बर्बाद हो जाता। अब छात्र अपनी डिग्री पूरी करने के साथ ही इस पात्रता परीक्षा में बैठ सकेंगे।
- शर्त: छात्रों को परीक्षा में बैठने की अनुमति इस शर्त पर दी जाएगी कि वे अपनी LLB की मुख्य परीक्षा (Final Exam) को सफलतापूर्वक पास कर लेंगे।
- ऐतिहासिक पृष्ठभूमि: 2023 में सुप्रीम कोर्ट ने BCI को इस संबंध में नियम बनाने का निर्देश दिया था। 2024 में कोर्ट ने अंतरिम आदेश के जरिए छात्रों को राहत दी थी, जिसे अब स्थायी नियम का रूप दे दिया गया है।
AIBE परीक्षा क्यों महत्वपूर्ण है?
- भारत में वकालत शुरू करने के लिए किसी भी कानून स्नातक (Law Graduate) को दो चरणों से गुजरना होता है।
- अपनी यूनिवर्सिटी से LLB की डिग्री लेना।
- राज्य बार काउंसिल में पंजीकरण के बाद All India Bar Exam (AIBE) पास करना, जो वकालत करने के लिए ‘Certificate of Practice’ प्रदान करता है।
छात्रों की जीत
यह याचिका दिल्ली विश्वविद्यालय के छात्र निलय राय सहित नौ छात्रों द्वारा दायर की गई थी। याचिका में BCI के उस पुराने नोटिफिकेशन को चुनौती दी गई थी, जिसमें अंतिम वर्ष के छात्रों को परीक्षा से रोका गया था। कोर्ट ने इसे स्वीकार करते हुए छात्रों के करियर के कीमती समय को बचाने का फैसला सुनाया।







