Supreme Court
Argument Time-line: सुप्रीम कोर्ट ने पहली बार वकीलों के बहस के लिए समय सीमा तय कर दी है।
ऑनलाइन पोर्टल पर एक दिन पहले देनी होगी सूचना
अब किसी भी पोस्ट-नोटिस या नियमित सुनवाई वाले मामले में वकीलों को पहले से बताना होगा कि वे मौखिक दलीलों में कितना समय लेंगे। यह जानकारी सुनवाई से एक दिन पहले ऑनलाइन पोर्टल पर देनी होगी। सीजेआई सूर्यकांत ने इस संबंध में सोमवार को सर्कुलर जारी किया। नया स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (एसओपी) तुरंत प्रभाव से लागू हो गया है।
सुनवाई से पांच दिन पहले संक्षिप्त लिखित नोट का भी नियम
सुप्रीम कोर्ट ने यह भी अनिवार्य किया है कि सभी सीनियर एडवोकेट्स और बहस करने वाले वकील सुनवाई से कम से कम तीन दिन पहले पांच पेज का एक संक्षिप्त लिखित नोट भी देना होगा। इसकी एक कॉपी दूसरी पार्टी को भी देनी होगी। सर्कुलर में कहा गया है कि सभी वकीलों को तय समय सीमा का सख्ती से पालन करना होगा और अपनी मौखिक बहस उसी समय में पूरी करनी होगी। इस व्यवस्था से हर दिन ज्यादा मामलों की सुनवाई संभव हो सकेगी और बेंच बेहतर तरीके से कार्य योजना बना सकेंगी। कोर्ट का कामकाज ज्यादा व्यवस्थित और प्रभावी होगा।







