Bombay High court
Bombay HC: गोवा के पूर्व विधायक जितेंद्र देशप्रभु की पत्नी रूपा देशप्रभु को बॉम्बे हाईकोर्ट ने सोमवार को 20 हजार रुपए का जुर्माना लगाया है।
गोवा के पूर्व विधायक जितेंद्र देशप्रभु की पत्नी का मामला
कोर्ट ने इसे “जिद्दी और बेवजह की कानूनी लड़ाई” बताया और उनकी याचिका खारिज कर दी। यह याचिका 2009 में दिए गए बेदखली आदेश की कार्रवाई को टालने के लिए दायर की गई थी।
लंबे समय से चल रहा प्रॉपर्टी विवाद
यह मामला एक लंबे समय से चल रहे प्रॉपर्टी विवाद से जुड़ा है। सुप्रीम कोर्ट पहले ही बेदखली के आदेश को सही ठहरा चुका है। इसके बावजूद रूपा देशप्रभु ने सिविल प्रक्रिया संहिता की धारा 47 के तहत कई अर्जियां लगाईं। उन्होंने खुद को मृतक जितेंद्र देशप्रभु की पत्नी और संपत्ति में आधे हिस्से की हकदार बताया। कोर्ट ने इन अर्जियों को कार्रवाई में देरी करने की कोशिश माना।
एक के बाद एक निरर्थक अर्जियां लगाईं
न्यायमूर्ति वाल्मीकि मेनेजेस ने कहा, “याचिकाकर्ता ने एक के बाद एक निरर्थक अर्जियां लगाईं। यह सिर्फ आदेश की कार्रवाई को टालने की कोशिश है।” कोर्ट ने कहा कि इन अर्जियों में कोई दम नहीं था, क्योंकि इसी तरह की आपत्तियां पहले ही निचली अदालत और उच्च अदालतों द्वारा खारिज की जा चुकी थीं।
न्यायिक प्रक्रिया में देरी पर नाराजगी
हाईकोर्ट ने कहा कि ऐसे मामलों में समय पर फैसला जरूरी है। न्यायमूर्ति मेनेजेस ने कहा, “इस मामले में पहले ही मेरिट पर फैसला हो चुका है, इसलिए दोबारा उस पर विचार करने का कोई सवाल नहीं उठता।” कोर्ट ने निचली अदालतों को निर्देश दिया कि वे ऐसे मामलों की सुनवाई छह महीने के भीतर पूरी करें, ताकि कानूनी प्रक्रिया में अनावश्यक देरी न हो।
एक महीने में कार्रवाई पूरी करने का आदेश
हाईकोर्ट ने ट्रायल कोर्ट को आदेश दिया कि वह इस मामले में एक महीने के भीतर बेदखली की कार्रवाई पूरी करे। कोर्ट ने कहा कि न्यायिक प्रक्रिया में तेजी जरूरी है, ताकि वर्षों तक चलने वाले विवादों से बचा जा सके।





