FSSAI news: सुप्रीम कोर्ट ने भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) को निर्देश दिया है कि वह पैकेज्ड फूड पर फ्रंट-ऑफ-पैक न्यूट्रिशन लेबल (Front-of-Pack Nutrition Labels) लागू करे।
शिवसेना सांसद ने दी जानकारी
शिवसेना सांसद और संसद की अधीनस्थ विधायी समिति के चेयरमैन मिलिंद देवड़ा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर बताया कि सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले से FSSAI को बिना देरी के नियम लागू करने में मदद मिलेगी और उपभोक्ता सेहतमंद विकल्प चुन सकेंगे। उन्होंने सिंगापुर के A से D तक के Nutri-Grade सिस्टम का उदाहरण देते हुए कहा कि भारत को भी ऐसा ही स्पष्ट और सरल सिस्टम अपनाना चाहिए।
स्वास्थ्य मंत्रालय की नई पहल
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने भी हाल ही में एक प्रस्ताव रखा है, जिसके तहत स्कूलों, दफ्तरों और सार्वजनिक संस्थानों में शुगर और ऑयल बोर्ड लगाए जाएंगे। इन बोर्ड्स पर रोजमर्रा के खाने में छिपी हुई चीनी और फैट की जानकारी दी जाएगी, ताकि लोगों की खानपान की आदतों में सुधार हो सके।
देसी स्नैक्स पर भी सख्ती की जरूरत
मिलिंद देवड़ा ने कहा कि भारत में सिर्फ मल्टीनेशनल कंपनियों के अनहेल्दी फूड ही नहीं, बल्कि जलेबी और समोसे जैसे देसी स्नैक्स पर भी सख्त नियम लागू होने चाहिए। उन्होंने कहा कि अधीनस्थ विधायी समिति इस मुद्दे पर गंभीरता से विचार कर रही है और FSSAI के साथ मिलकर काम कर रही है।
राष्ट्रीय कार्यक्रम के तहत हो रहा काम
यह कदम स्वास्थ्य मंत्रालय के ‘नेशनल प्रोग्राम फॉर प्रिवेंशन एंड कंट्रोल ऑफ नॉन-कम्युनिकेबल डिजीजेस’ (NP-NCD) के तहत उठाया जा रहा है। इसका मकसद कार्यस्थलों पर व्यवहार में स्थायी बदलाव लाना है। खासतौर पर तेल और चीनी की अधिक खपत को कम करना, जो मोटापा, डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर और अन्य लाइफस्टाइल बीमारियों की बड़ी वजह हैं।

