Monday, February 16, 2026
HomeInternational NewsSupreme Court: हीटवेव से हर साल सैकड़ों मौतें…क्या कर रही सरकार

Supreme Court: हीटवेव से हर साल सैकड़ों मौतें…क्या कर रही सरकार

Supreme Court: सुप्रीम कोर्ट ने देश में बढ़ती हीटवेव और इससे होने वाली मौतों को गंभीरता से लेते हुए केंद्र सरकार से जवाब मांगा है।

जनहित याचिका पर लिया संज्ञान

कोर्ट ने यह नोटिस एक जनहित याचिका पर जारी किया है, जिसमें हीटवेव से निपटने के लिए राष्ट्रीय स्तर पर गाइडलाइन लागू करने और एक्शन प्लान तैयार करने की मांग की गई है। याचिका में बताया गया है कि पिछले साल हीटवेव और हीट स्ट्रेस से 700 से ज्यादा लोगों की मौत हुई थी।

कई हिस्सों में हीटवेव का खतरा बढ़ा

मुख्य न्यायाधीश बीआर गवई और जस्टिस ऑगस्टिन जॉर्ज मसीह की बेंच ने गृह मंत्रालय, पर्यावरण मंत्रालय, राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA) और अन्य संबंधित विभागों को नोटिस जारी कर दो हफ्ते में जवाब मांगा है। पर्यावरण कार्यकर्ता विक्रांत टोंगड़ की ओर से दाखिल की गई इस याचिका में मांग की गई है कि हीटवेव की भविष्यवाणी, अलर्ट जारी करने, 24 घंटे हेल्पलाइन जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। याचिकाकर्ता के वकील आकाश वशिष्ठ ने कोर्ट को बताया कि हीटवेव से होने वाली मौतों की संख्या लगातार बढ़ रही है और यह खतरा अब देश के कई हिस्सों में फैल चुका है।

अब पूरे देश में फैल रहा हीटवेव का खतरा

वकील ने कहा कि पहले हीटवेव मुख्य रूप से उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत तक सीमित थी, लेकिन अब यह पूर्वी तट, पूर्वोत्तर, दक्षिण और प्रायद्वीपीय भारत तक फैल चुकी है। यह बात खुद भारतीय मौसम विभाग (IMD) की रिपोर्ट में कही गई है।

2019 की गाइडलाइन लागू नहीं कर रहे राज्य

याचिका में कहा गया है कि NDMA ने 2019 में हीटवेव से बचाव और प्रबंधन के लिए राष्ट्रीय गाइडलाइन जारी की थी, लेकिन कई राज्य और केंद्र शासित प्रदेश अब तक इसे लागू नहीं कर पाए हैं। जबकि आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 की धारा 35 के तहत केंद्र सरकार की जिम्मेदारी है कि वह आपदा से निपटने के लिए जरूरी कदम उठाए।

जलवायु परिवर्तन से जुड़ा है हीटवेव संकट

याचिका में कहा गया है कि हीटवेव की बढ़ती घटनाएं जलवायु परिवर्तन से जुड़ी हैं। ऐसे में सरकार को हीटवेव से पीड़ित लोगों को मुआवजा देना चाहिए और अत्यधिक गर्मी के दौरान गरीब और कमजोर वर्गों को न्यूनतम मजदूरी या अन्य सामाजिक और आर्थिक सुरक्षा देनी चाहिए।

IMD की रिपोर्ट में चेतावनी: 21वीं सदी में 10 गुना बढ़ेगा हीटवेव का खतरा

याचिका में अप्रैल 2023 में प्रकाशित एक रिपोर्ट का हवाला दिया गया है, जिसका शीर्षक है- “Heat and Cold Waves in India: Processes and Predictability”। यह रिपोर्ट पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय, IMD और पुणे स्थित इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ ट्रॉपिकल मेट्रोलॉजी के वैज्ञानिकों ने तैयार की है। इसमें कहा गया है कि 21वीं सदी में भारत में हीटवेव का खतरा 10 गुना बढ़ सकता है और देश का 70% से ज्यादा हिस्सा इससे प्रभावित होगा। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि भविष्य में गर्मी से होने वाली मौतों की संख्या में भारी इजाफा होगा, खासकर भारत जैसे विकासशील देशों में।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular

Recent Comments