Department of Justice
Judicial appointments: जजों की नियुक्ति को लेकर चल रहे ‘कॉलेजियम बनाम सरकार’ के लंबे विवाद के बीच केंद्र सरकार ने राज्यसभा में महत्वपूर्ण जानकारी दी।
कानून राज्य मंत्री ने दिया बयान
कानून राज्य मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने बताया कि उच्च न्यायपालिका में जजों की नियुक्ति के लिए मेमोरेंडम ऑफ प्रोसीजर (MoP) को संशोधित करने की प्रक्रिया अभी विचाराधीन है।
NJAC और MoP पर क्या कहा?
- कांग्रेस सांसद राजीव शुक्ला के सवाल (क्या सरकार दोबारा NJAC लाएगी?) का जवाब मंत्री ने दिया।
- पुरानी याद: संसद ने राष्ट्रीय न्यायिक नियुक्ति आयोग (NJAC) पारित किया था, जिसे सुप्रीम कोर्ट ने रद्द कर दिया था।
- अगला कदम: वर्तमान में MoP (वह प्रक्रिया जिसके तहत कॉलेजियम और सरकार जजों की नियुक्ति करते हैं) को संशोधित करने पर विचार हो रहा है। इसके पूरा होने के बाद ही अगला कदम उठाया जाएगा।
अखिल भारतीय न्यायिक सेवा (AIJS): तैयारी जारी
- समान सिविल सेवा की तर्ज पर ‘जजों की नेशनल सर्विस’ (AIJS) को लेकर भी सरकार ने स्थिति स्पष्ट की।
- संवैधानिक प्रावधान: संविधान के अनुच्छेद 312 में अखिल भारतीय न्यायिक सेवा का प्रावधान है।
- परामर्श: यह मुद्दा सुप्रीम कोर्ट में भी लंबित है और इस पर विचार-विमर्श चल रहा है कि इसे किस स्वरूप में लागू किया जाए।
निचली अदालतों में बढ़ी जजों की संख्या
- सरकार ने न्यायपालिका के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए आंकड़े पेश किए।
- 2014 में संख्या: जिला और सत्र न्यायालयों में कुल 19,518 पद थे।
- वर्तमान स्थिति: सरकार ने 6,376 नए पद जोड़े हैं, जिससे निचली न्यायपालिका की क्षमता बढ़कर 25,894 हो गई है।
अन्य महत्वपूर्ण बिंदु
- मद्रास हाई कोर्ट का नाम: AIADMK सांसद एम. थंबीदुरई के सवाल पर मंत्री ने कहा कि मद्रास सहित कई पुराने नाम वाले हाई कोर्ट्स के नाम बदलने का मुद्दा सरकार के विचाराधीन है।
- पेंडेंसी (लंबित मामले): मंत्री ने स्पष्ट किया कि केस निपटाना न्यायपालिका के अधिकार क्षेत्र में है, लेकिन सरकार जजों की रिक्तियां भरकर और बुनियादी ढांचा देकर सहयोग कर रही है।
- नियुक्तियां: मई 2014 से जनवरी 2026 के बीच सुप्रीम कोर्ट में 72 और हाई कोर्ट्स में 1,162 नए जजों की नियुक्ति की गई है।
- सरकार का संकल्प: “हम न्यायपालिका की स्वतंत्रता सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं ताकि जजों को न्याय प्रदान करने के लिए अनुकूल वातावरण मिल सके।” — अर्जुन राम मेघवाल






