Kerala HC
Kerala HC: केरल हाई कोर्ट ने राज्य के सभी निजी अस्पतालों और क्लीनिकल प्रतिष्ठानों को लेकर सख्त दिशानिर्देश जारी किए हैं।
एमर्जेंसी मरीजों की स्क्रीनिंग व स्टेबलाइजेशन अनिवार्य
कोर्ट ने कहा कि मरीजों के अधिकार और पारदर्शिता के लिए अस्पतालों को: इलाज, पैकेज और सभी सेवाओं के रेट रिसेप्शन, एडमिशन डेस्क व वेबसाइट पर स्पष्ट रूप से डिस्प्ले करने होंगे। कोर्ट ने कहा कि यह सब क्लीनिकल एस्टेब्लिशमेंट एक्ट, 2018 के तहत पहले से अनिवार्य है, लेकिन 7–8 साल में भी इनका पालन नहीं हुआ। कोर्ट ने सरकार से कहा कि इस आदेश को एक महीने तक मीडिया में प्रचारित किया जाए और 30 दिनों में कंप्लायंस रिपोर्ट दाखिल की जाए।
निजी अस्पतालों को दिए निर्देश
- अस्पतालों को ग्रिवांस ऑफिसर की डिटेल, हेल्पलाइन, DMO के संपर्क भी प्रमुख रूप से प्रदर्शित करने होंगे।
- हर शिकायत का यूनिक रेफरेंस नंबर देकर 7 दिनों में निस्तारण करना होगा।
- पैसे या डॉक्यूमेंट न होने पर भी पहली जीवनरक्षक सहायता को मना नहीं किया जा सकता।
- इमरर्जेंसी मरीजों की स्क्रीनिंग व स्टेबलाइजेशन करना अनिवार्य होगा।






