Public meetings’ SOP: तमिलनाडु सरकार ने मद्रास हाई कोर्ट में राज्य में होने वाली सार्वजनिक सभाओं और रैलियों के नियमन के लिए नियम-कानून की रिपोर्ट पेश की।
TVK रोड शो के दौरान हुई मौत के बाद दायर हुई याचिका
तमिलनाडु सरकार ने मामले में 46 पन्नों की अंतिम ड्राफ्ट SOP की कॉपी कोर्ट में पेश कर दी। एडिशनल एडवोकेट जनरल जे. रविंद्रन ने यह ड्राफ्ट चीफ जस्टिस एम.एम. श्रीवास्तव और जस्टिस जी. अरुल मूर्गन की बेंच के सामने पेश किया। मामला अभिनेता विजय की पार्टी तमिऴगा वेत्रि कझगम (TVK) की याचिका और AIADMK व देशिया मक्कल सक्ती कच्ची की इम्पलीडिंग पिटीशन्स से जुड़ा है। ये याचिकाएं 27 सितंबर को करूर में TVK रोड शो के दौरान हुई स्टाम्पीड में 41 लोगों की मौत के बाद दायर की गई थीं। बेंच ने राज्य को निर्देश दिया कि SOP की कॉपी सभी याचिकाकर्ताओं को दी जाए। सरकार की ओर से दाखिल SOP में कुल 16 शर्तें तय की गई हैं, जो किसी भी सार्वजनिक बैठक, रैली, जुलूस, प्रदर्शन, प्रोटेस्ट, रोड शो और बड़े कार्यक्रमों पर लागू होंगी।
SOP में क्या-क्या नियम बनाए गए?
- समय सीमा का कड़ाई से पालन: अनुमति आदेश में तय समय का पालन अनिवार्य होगा। रोड शो सामान्यतः 3 घंटे के भीतर ही खत्म करने होंगे।
- भीड़ की संख्या पर सख्त नजर: अनुमानित भीड़ से अगर 50% से ज्यादा लोग जुटते हैं, तो इसे गंभीर उल्लंघन माना जाएगा और जिम्मेदारों पर कार्रवाई होगी।
- भीड़ को समय से पहले इकट्ठा नहीं किया जा सकेगा: लोगों को कार्यक्रम से 2 घंटे से ज्यादा पहले नहीं बुलाया जाएगा, ताकि लंबी प्रतीक्षा के दौरान अव्यवस्था न हो।
- आयोजकों की पूरी जिम्मेदारी: दायरा, बैरिकेड, पंडाल, स्टेज, लाइटिंग, साउंड और इलेक्ट्रिकल फिटिंग सहित सभी व्यवस्थाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना आयोजक की जिम्मेदारी होगी। जरूरी मंजूरियां भी उन्हें ही लेनी होंगी।
- इमरजेंसी वाहनों के लिए रास्ता खुला रखना जरूरी: एम्बुलेंस, फायर टेंडर्स और पुलिस वाहनों के लिए रास्ता हर समय खाली रखना होगा।
- संवेदनशील समूहों की विशेष सुरक्षा: जैसे—गर्भवती महिलाएं, बुजुर्ग, बच्चे, दिव्यांगजन, इनके लिए अलग एन्क्लोज़र और विशेष वॉलंटियर्स की व्यवस्था करनी होगी।
- जुलूस के दौरान सड़क का आधा हिस्सा ही इस्तेमाल होगा: किसी भी जुलूस में सड़क का केवल आधा हिस्सा ही उपयोग में लिया जा सकेगा, ताकि सामान्य यातायात प्रभावित न हो।

