RAJRAPPA-TEMPLE BEAUTIFICATION: झारखंड हाई कोर्ट ने रामगढ़ स्थित सुप्रसिद्ध शक्तिपीठ मां छिन्नमस्तिका मंदिर के सौंदर्यीकरण और बुनियादी सुविधाओं के विकास को लेकर राज्य सरकार से ‘स्टेटस रिपोर्ट’ (स्थिति रिपोर्ट) तलब की है।
जस्टिस सुजीत नारायण प्रसाद और जस्टिस संजय प्रसाद की खंडपीठ ने रामगढ़ के उपायुक्त (DC) फैज अक अहमद मुमताज को विस्तृत रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया।
अदालत की नाराजगी और अधिकारियों की पेशी
इससे पहले कोर्ट ने मंदिर के सौंदर्यीकरण से जुड़े पुराने आदेशों का पालन न करने पर राज्य के पर्यटन सचिव और रामगढ़ DC को व्यक्तिगत रूप से तलब किया था।
अब तक क्या हुआ? (DC द्वारा दी गई जानकारी)
- चेंजिंग रूम: श्रद्धालुओं के लिए 8 चेंजिंग रूम का निर्माण पूरा हो चुका है।
- लाइटिंग: मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में स्ट्रीट लाइटें लगा दी गई हैं।
- साफ-सफाई: परिसर को हर समय स्वच्छ रखने के लिए निजी कंपनियों के साथ समझौता (Pact) किया गया है।
हाई कोर्ट के नए और महत्वपूर्ण निर्देश
- अदालत ने मंदिर की गरिमा और श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए कई बड़े सुझाव और निर्देश दिए हैं।
- अतिक्रमण मुक्त परिसर: DC को निर्देश दिया गया है कि वे मंदिर परिसर के आसपास अवैध बस्तियों और दुकानों के खिलाफ निरंतर अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाएं।
- सुरक्षा के लिए ‘रेड जोन’: दामोदर और भैरवी नदियों के संगम पर स्थित इस मंदिर में डूबने की घटनाओं को रोकने के लिए भैरवी नदी के किनारे “रेड ज़ोन” बैरिकेडिंग करने का सुझाव दिया गया है।
- स्थायी घाट: श्रद्धालुओं के लिए सुरक्षा घेरे के साथ स्थायी स्नान घाट बनाने के आदेश पहले ही दिए जा चुके हैं।
पृष्ठभूमि: अवमानना याचिका (Contempt Petition)
यह पूरी कार्यवाही संजीव कुमार द्वारा दायर एक अवमानना याचिका पर हो रही है। उन्होंने आरोप लगाया था कि सितंबर 2023 में हाई कोर्ट द्वारा मंदिर के कायाकल्प (Facelift) के लिए दिए गए निर्देशों का पालन प्रशासन और पर्यटन विभाग द्वारा नहीं किया जा रहा है।
कोर्ट के पुराने आदेशों में शामिल मुख्य बातें
- पीने के साफ पानी और शौचालयों (Lavatories) की व्यवस्था।
- चिकित्सा सुविधाओं (Medical Facilities) की उपलब्धता।
- सुरक्षा घेरे के साथ पक्के घाटों का निर्माण।
श्रद्धालुओं के लिए महत्व
रजरप्पा मंदिर झारखंड और पड़ोसी राज्यों के लाखों लोगों की आस्था का केंद्र है। यहाँ प्रतिदिन हजारों की संख्या में भक्त पहुंचते हैं। हाई कोर्ट के इस कड़े रुख से उम्मीद जगी है कि अब मंदिर परिसर विश्वस्तरीय सुविधाओं से लैस होगा और श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित होगी।

