Gujarat High Court
Virtual Hearings: गुजरात हाईकोर्ट ने वर्चुअल सुनवाई के लिए स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (एसओपी) जारी की है।
पिछले दो महीनों में ऑनलाइन सुनवाई में आए कई मामले
इसके तहत अब ऑनलाइन सुनवाई में शामिल होने वाले सभी लोगों को कोर्ट की गरिमा और शिष्टाचार बनाए रखना अनिवार्य होगा। ऐसा नहीं करने पर उनके खिलाफ कोर्ट की अवमानना की कार्रवाई की जा सकती है। पिछले दो महीनों में ऑनलाइन सुनवाई के दौरान एक पक्षकार और एक सीनियर वकील के अनुचित व्यवहार के मामले सामने आए थे। इनमें से एक मामले में एक व्यक्ति टॉयलेट सीट पर बैठकर सुनवाई में शामिल हुआ था। कोर्ट ने इस पर खुद संज्ञान लेते हुए उसके खिलाफ अवमानना की कार्रवाई शुरू की थी।
वेटिंग रूम में होगी जांच
नई एसओपी के अनुसार, सभी प्रतिभागियों को पहले वर्चुअल वेटिंग रूम में रखा जाएगा। वहां कोर्ट मास्टर यह सुनिश्चित करेगा कि व्यक्ति की ड्रेस और बैकग्राउंड कोर्ट की गरिमा के अनुरूप हो। सुनवाई में शामिल होने के लिए केवल एक ही डिवाइस का इस्तेमाल किया जा सकेगा। अन्य सभी डिवाइस बंद या एयरप्लेन मोड में होने चाहिए।
मोबाइल से जुड़ने पर लोकेशन बदलना मना
सुनवाई में शामिल होने वाले वकीलों और अन्य लोगों को ऐसे माहौल से जुड़ना होगा जो कोर्ट की गरिमा बनाए रखे। खासतौर पर मोबाइल से जुड़ने वाले प्रतिभागियों को सुनवाई के दौरान लोकेशन बदलने की अनुमति नहीं होगी। कोर्ट ने साफ किया है कि वर्चुअल सुनवाई भी फिजिकल कोर्ट की तरह गंभीरता से ली जाएगी और इसमें किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।





