मामले की पृष्ठभूमि और इमामी की दलीलें
- FSSAI का नोटिस और पत्र:FSSAI ने 5 जून 2026 को इमामी को एक कारण बताओ नोटिस जारी किया था, जिसमें आरोप लगाया गया था कि उसके “Healthy & Tasty” ब्रांड लेबल और विज्ञापन पैकेजिंग खाद्य विज्ञापन एवं लेबलिंग विनियमों (Food Advertising & Labelling Regulations) का उल्लंघन करते हैं। इसके बाद 17 जुलाई 2026 को FSSAI ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के खाद्य सुरक्षा आयुक्तों को इमामी सहित सूचीबद्ध कंपनियों के खिलाफ कार्रवाई करने का निर्देश दिया था।
- जवाब पर विचार किए बिना कार्रवाई का आरोप:इमामी ने 23 जून को FSSAI के नोटिस का विस्तृत जवाब प्रस्तुत किया था। हालांकि, कंपनी का आरोप है कि FSSAI ने उसके जवाब पर विचार किए बिना, कोई अंतिम आदेश दिए बिना और व्यक्तिगत सुनवाई का अवसर दिए बिना ही 17 जुलाई को राज्यों को कार्रवाई के निर्देश जारी कर दिए।
- मौलिक अधिकारों का उल्लंघन (Articles 14 & 19(1)(g)):इमामी की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता संदीप सेठी (Sandeep Sethi) ने दलील दी कि FSSAI का यह रवैया मनमाना और असंवैधानिक है। राज्य स्तर के अधिकारी इस पत्र के आधार पर कंपनी के व्यावसायिक संचालन में बाधा डाल रहे हैं, जो संविधान के अनुच्छेद 14 (समता का अधिकार) और अनुच्छेद 19(1)(g) (व्यापार करने की स्वतंत्रता) का उल्लंघन है।
नई दिल्ली: खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम, 2006 (FSS Act, 2006) की धारा 24 (भ्रामक विज्ञापनों और दावों पर प्रतिबंध), खाद्य सुरक्षा और मानक (विज्ञापन और दावा) विनियम, 2018, पंजीकृत ट्रेडमार्क/ब्रांड नाम बनाम पोषण संबंधी दावों (Registered Trademarks vs Deceptive Nutritional Claims) का विधिक सीमांकन, प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों (Principles of Natural Justice – Audi Alteram Partem) के तहत बिना स्पष्ट कारणों और सुनवाई के जारी कारण बताओ नोटिस की वैधता, तथा संविधान के अनुच्छेद 19(1)(g) के तहत व्यापार करने के मौलिक अधिकार पर दिल्ली उच्च न्यायालय ने खाद्य नियामक को सख्त प्रक्रियात्मक संदेश दिया है।
न्यायमूर्ति अमित महाजन की एकल पीठ ने गुरुवार (15 अक्टूबर 2026) को प्रमुख खाद्य तेल विनिर्माता कंपनी इमामी एग्रोटेक लिमिटेड (Emami Agrotech) द्वारा दायर रिट याचिका पर सुनवाई करते हुए अंतरिम राहत प्रदान की। अदालत ने भारतीय खाद्य संरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) को निर्देश दिया कि वह कंपनी के लोकप्रिय ब्रांड नाम “इमामी हेल्दी एंड टेस्टी” (Emami Healthy & Tasty) के तहत बेचे जा रहे खाद्य तेलों (जैसे सनफ्लावर ऑयल और कच्ची घानी सरसों तेल) की ब्रांडिंग और विज्ञापनों के खिलाफ कोई भी दंडात्मक या बलपूर्वक (Precipitative Action) कार्रवाई न करे। मामले की अगली विस्तृत सुनवाई फरवरी 2027 में तय की गई है।
उच्च न्यायालय के प्रमुख न्यायिक निष्कर्ष एवं अंतरिम निर्देश
1. ‘नोटिस में यह स्पष्ट करने वाले कोई कारण नहीं कि शब्द भ्रामक कैसे है’
न्यायमूर्ति अमित महाजन ने प्रथम दृष्टया विधिक असंतोष व्यक्त करते हुए अपने आदेश में दर्ज किया: “प्रथम दृष्टया यह पाया जाता है कि FSSAI द्वारा जारी किए गए कारण बताओ नोटिस में ऐसे कोई कारण (No reasons) नहीं दर्शाए गए हैं कि याचिकाकर्ता (इमामी) द्वारा “Healthy & Tasty” (स्वस्थ और स्वादिष्ट) शब्द का उपयोग किस प्रकार से भ्रामक (Misleading) है।”
अदालत ने माना कि प्रशासनिक या नियामक प्राधिकारियों द्वारा जारी किए जाने वाले कारण बताओ नोटिस में विशिष्ट और तर्कसंगत आधारों का होना अनिवार्य है, केवल अमूर्त वैधानिक धाराओं का उल्लेख पर्याप्त नहीं हो सकता।
2. प्राकृतिक न्याय और जवाब पर विचार किए बिना प्रवर्तन कार्रवाई पर रोक:
- अदालत ने पाया कि कंपनी ने 5 जून के नोटिस का विस्तृत जवाब 23 जून को दाखिल कर दिया था।
- जवाब पर कोई अंतिम तार्किक आदेश पारित किए बिना और बिना व्यक्तिगत सुनवाई का अवसर दिए नियामक ने 17 जुलाई को सभी राज्यों के खाद्य सुरक्षा आयुक्तों को कंपनी के खिलाफ प्रवर्तन कार्रवाई के आदेश जारी कर दिए, जो प्रक्रियात्मक रूप से अनुचित था।
- अदालत ने नियामक और राज्य प्राधिकारियों को कंपनी के उत्पादों के खिलाफ इस आधार पर कोई भी दंडात्मक कार्रवाई करने से रोक दिया।
मामले की तथ्यात्मक पृष्ठभूमि एवं विधिक घटनाक्रम
| तिथि / चरण | घटनाक्रम एवं तथ्य |
|---|---|
| याचिकाकर्ता | इमामी एग्रोटेक लिमिटेड (Emami Agrotech) — ‘Emami Healthy & Tasty’ ब्रांड के तहत सनफ्लावर और कच्ची घानी सरसों तेल विनिर्माता। |
| 5 जून 2026 | FSSAI का कारण बताओ नोटिस: नियामक ने आरोप लगाया कि उत्पादों के लेबल और विज्ञापनों में “Healthy & Tasty” का उपयोग उपभोक्ताओं को गुमराह कर सकता है और यह खाद्य विज्ञापन एवं लेबलिंग विनियमों का उल्लंघन है। |
| 23 जून 2026 | इमामी का लिखित उत्तर: कंपनी ने विस्तृत जवाब दाखिल कर स्पष्ट किया कि यह उनका लंबे समय से पंजीकृत ब्रांड नाम/ट्रेडमार्क है, न कि कोई असत्यापित औषधीय या चिकित्सीय दावा। |
| 17 जुलाई 2026 | FSSAI का विवादित परिपत्र: कंपनी के जवाब पर कोई फैसला सूचित किए बिना FSSAI ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के खाद्य सुरक्षा आयुक्तों को पत्र जारी कर इमामी सहित सूचीबद्ध खाद्य ऑपरेटरों के विरुद्ध कार्रवाई का निर्देश दिया। |
| राज्यों में उत्पीड़न का आरोप | इमामी ने दलील दी कि 17 जुलाई के पत्र के आधार पर विभिन्न राज्यों के स्थानीय खाद्य निरीक्षकों ने मनमाने ढंग से नोटिस और आदेश जारी करने शुरू कर दिए, जिससे व्यापार बाधित हुआ। |
| 15 अक्टूबर 2026 | दिल्ली हाईकोर्ट ने FSSAI के कदमों पर रोक लगाई; कोई भी बलपूर्वक कार्रवाई न करने का अंतरिम आदेश पारित। |
याचिकाकर्ता (इमामी) की प्रमुख विधिक दलीलें
वरिष्ठ अधिवक्ता संदीप सेठी ने अदालत के समक्ष निम्नलिखित मुख्य तर्क रखे:
- मनमाना और गैर-कानूनी आचरण (Arbitrary & Unlawful): FSSAI ने कंपनी के उत्पादों का कोई स्वतंत्र वैज्ञानिक या प्रयोगशाला परीक्षण किए बिना और 23 जून के विस्तृत जवाब पर विचार किए बिना एकतरफा कार्रवाई का निर्देश दिया।
- संवैधानिक अधिकारों का उल्लंघन: नियामक की इस जल्दबाजी भरी कार्रवाई ने संविधान के अनुच्छेद 14 (समानता और मनमानेपन के विरुद्ध अधिकार) और अनुच्छेद 19(1)(g) (व्यापार और व्यवसाय की स्वतंत्रता) का सीधा हनन किया है।
- ट्रेडमार्क बनाम नियामक लेबलिंग: “Healthy & Tasty” एक स्थापित कॉर्पोरेट ट्रेडमार्क पहचान है। जब तक कोई उत्पाद सुरक्षा मानकों पर विफल न हो या झूठे चिकित्सीय उपचार का दावा न करे, केवल सामान्य सकारात्मक विपणन शब्दावली को भ्रामक बताकर पूरी श्रृंखला पर प्रतिबंध नहीं लगाया जा सकता।
विधिक एवं विनियामक विश्लेषण: क्या कहता है कानून?
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│ खाद्य सुरक्षा एवं भ्रामक विज्ञापन: विधिक ढांचा │
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【FSS एक्ट की धारा 24: भ्रामक विज्ञापन】 【कारण बताओ नोटिस की अनिवार्यताएं】 【प्राकृतिक न्याय (Audi Alteram Partem)】
• कोई भी खाद्य व्यवसाय ऐसा विज्ञापन नहीं • नोटिस केवल औपचारिक नहीं हो सकता; • यदि ऑपरेटर ने लिखित जवाब दे दिया है,
कर सकता जो उत्पाद की गुणवत्ता, प्रकृति उसमें स्पष्ट और वस्तुनिष्ठ कारण होने तो उस पर तर्कसंगत आदेश (Reasoned Order)
या पोषक तत्वों के संबंध में असत्य हो। चाहिए कि प्रथम दृष्टया उल्लंघन कैसे हुआ। पारित किए बिना दंडात्मक कदम उठाना अवैध।
- कारण बताओ नोटिस का उद्देश्य (Purpose of Show-Cause Notice):
- सर्वोच्च न्यायालय ने ओरिक्स फिशरीज (2010) और गोर्खा सिक्योरिटी सर्विसेज (2014) में स्पष्ट किया है कि कारण बताओ नोटिस में आरोपी पक्ष को लगाए गए आरोपों की पूरी सामग्री और सटीक कारण बताए जाने चाहिए।
- यदि नियामक स्वयं यह स्पष्ट नहीं कर पाता कि “हेल्दी एंड टेस्टी” जैसा सामान्य वाक्यांश वैज्ञानिक या तकनीकी रूप से उपभोक्ताओं को कैसे धोखा दे रहा है, तो ऐसा नोटिस कानून की नजर में टिक नहीं सकता।
- पंजीकृत ब्रांड नाम की सुरक्षा:
- ट्रेड मार्क्स एक्ट, 1999 के तहत पंजीकृत किसी नाम का उपयोग तब तक प्रतिबंधित नहीं किया जा सकता जब तक कि नियामक यह सिद्ध न कर दे कि वह नाम जनस्वास्थ्य के लिए प्रत्यक्ष रूप से भ्रामक या कपटपूर्ण है।
विधिक विवरण एवं उपस्थित अधिवक्ता
- केस संदर्भ: इमामी एग्रोटेक लिमिटेड बनाम भारतीय खाद्य संरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) व अन्य [W.P.(C) – दिल्ली उच्च न्यायालय]
- पीठ: न्यायमूर्ति अमित महाजन (एकल पीठ)
- आदेश की तिथि: 15 अक्टूबर 2026
- अगली सुनवाई की तिथि: फरवरी 2027
विधिक प्रतिनिधित्व:
- याचिकाकर्ता (इमामी एग्रोटेक) की ओर से:
- वरिष्ठ अधिवक्ता संदीप सेठी
- शार्दुल अमरचंद मंगलदास एंड कंपनी की टीम: पार्टनर्स स्मारिका सिंह और सैफुर रहमान फरीदी, सीनियर एसोसिएट जसनीत जॉली और एसोसिएट रिद्धिमा भारद्वाज।
- साथ में उपस्थित अधिवक्ता: कृष्णा गंभीर, श्रेया सेठी और ऋत्विक शर्मा।
- प्रत्यर्थी की ओर से: भारतीय खाद्य संरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) के विधिक प्रतिनिधि।
- प्रासंगिक कानून एवं विधिक नियम:
- खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम, 2006 (FSS Act, 2006) — धारा 24 (विज्ञापनों पर प्रतिबंध) एवं धारा 53 (भ्रामक विज्ञापनों के लिए जुर्माना)
- खाद्य सुरक्षा और मानक (विज्ञापन और दावा) विनियम, 2018
- भारत का संविधान — अनुच्छेद 14, अनुच्छेद 19(1)(g) एवं अनुच्छेद 226
- अंतिम परिणाम: इमामी को अंतरिम संरक्षण प्राप्त; FSSAI और राज्य प्राधिकरणों को “Healthy & Tasty” मार्क के उपयोग को लेकर कोई भी दंडात्मक कार्रवाई करने से रोका गया; मामले की अगली सुनवाई फरवरी 2027 में होगी।
मामले का संक्षिप्त विवरण (At A Glance)
| विवरण | जानकारी |
| संबंधित अदालत | दिल्ली उच्च न्यायालय (Delhi High Court) |
| न्यायाधीश | न्यायमूर्ति अमित महाजन |
| याचिकाकर्ता | इमामी एग्रोटेक लिमिटेड (Emami Agrotech) |
| प्रतिवादी | भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) |
| विवादित ब्रांड/उत्पाद | “Emami Healthy & Tasty” (सूरजमुखी तेल, कच्ची घानी सरसों का तेल आदि) |
| मुख्य कानूनी मुद्दा | प्राकृतिक/सामान्य शब्दों का ट्रेडमार्क के रूप में इस्तेमाल और FSSAI द्वारा बिना सुनवाई का मौका दिए कार्रवाई करना (प्राकृतिक न्याय के सिद्धांत का उल्लंघन)। |
| कोर्ट का आदेश | FSSAI और राज्य खाद्य सुरक्षा आयुक्तों की दंडात्मक कार्रवाई पर अंतरिम रोक। |

