Judge’s Row 12: इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच में जनहित याचिका (PIL) दायर की गई, इसमें हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश को न्यायमूर्ति यशवंत वर्मा को शपथ न दिलाने का निर्देश देने की मांग की गई है।
चार अप्रैल को सुनवाई होने की संभावना
अदालती सूत्रों के अनुसार, याचिका में भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) द्वारा न्यायमूर्ति वर्मा के आवास से चार से पांच अधजले बोरे भारतीय मुद्रा नोटों की बरामदगी को लेकर जारी की गई आंतरिक जांच का हवाला दिया गया है। यह बरामदगी पिछले महीने उनके आवास में आग लगने की घटना के बाद हुई थी। याचिकाकर्ता विकास चतुर्वेदी द्वारा दायर इस याचिका पर 4 अप्रैल को सुनवाई होने की संभावना है।
केंद्र सरकार की 28 मार्च 2025 की अधिसूचना को भी चुनौती दी गई है
गौरतलब है कि न्यायमूर्ति यशवंत वर्मा को हाल ही में दिल्ली हाईकोर्ट से इलाहाबाद हाईकोर्ट में स्थानांतरित किया गया है, जबकि वे नकदी विवाद में घिरे हुए हैं। याचिकाकर्ता के वकील अशोक पांडे ने दलील दी कि चूंकि सीजेआई ने कथित रूप से इलाहाबाद हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश को निर्देश दिया है कि न्यायमूर्ति वर्मा को किसी भी न्यायिक कार्य का आवंटन न किया जाए, इसलिए उनके शपथ ग्रहण समारोह को आगे बढ़ाने का कोई औचित्य नहीं है। इसके अलावा, याचिका में केंद्र सरकार की 28 मार्च 2025 की अधिसूचना को भी चुनौती दी गई है, जिसमें सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम की सिफारिश को स्वीकार करते हुए न्यायमूर्ति वर्मा का इलाहाबाद हाईकोर्ट में स्थानांतरण किया गया था।

