Political Vendetta Alleged: पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट ने बीजेपी में गए आप नेता व संस्थापक ट्राइडेंट ग्रुप (Trident Group) की याचिका पर सुनवाई करते हुए पंजाब सरकार को निर्देश दिया।
4 मई 2016 तक कोई दंडात्मक कार्रवाई (Coercive Action) न की जाए
हाईकोर्ट ने कहा कि कंपनी के खिलाफ 4 मई 2016 तक कोई दंडात्मक कार्रवाई (Coercive Action) न की जाए। टेक्सटाइल दिग्गज ट्राइडेंट ने पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (PPCB) द्वारा की गई छापेमारी को “राजनीतिक प्रतिशोध” करार देते हुए अदालत का दरवाजा खटखटाया है। यह विवाद ट्राइडेंट ग्रुप के संस्थापक और राज्यसभा सांसद राजिंदर गुप्ता के हाल ही में भाजपा (BJP) में शामिल होने के बाद शुरू हुआ है। कंपनी का आरोप है कि 24 अप्रैल को गुप्ता के राजनीतिक दल बदलने के तुरंत बाद सरकार ने उन्हें निशाना बनाना शुरू कर दिया है।
मामला क्या है? (The Late-Night Raid)
- छापेमारी: गुरुवार शाम करीब 7:30 बजे PPCB के लगभग 30 अधिकारियों की एक टीम ने ट्राइडेंट के औद्योगिक परिसर पर छापेमारी की।
- कंपनी के आरोप: ट्राइडेंट की ओर से पेश सीनियर एडवोकेट मनीषा गांधी ने दलील दी कि यह छापेमारी “अभूतपूर्व” थी। उन्होंने आरोप लगाया कि अधिकारियों ने फैक्ट्री परिसर में आवाजाही रोक दी, नियमों के विरुद्ध सैंपल लिए और कानून के अनुसार एक सैंपल उद्योग के पास नहीं छोड़ा।
- डर: कंपनी ने आशंका जताई कि सैंपल्स को जानबूझकर ‘फेल’ घोषित किया जा सकता है, जिसके बाद बिजली काटने या फैक्ट्री बंद करने (Closure Notice) का नोटिस दिया जा सकता है।
राजनीतिक प्रतिशोध का तर्क (Political Allegiance)
- याचिका में सीधे तौर पर राजिंदर गुप्ता के भाजपा में शामिल होने को छापेमारी का कारण बताया गया है।
- बीजेपी में स्विच: राजिंदर गुप्ता ने 24 अप्रैल को 6 अन्य सांसदों के साथ भाजपा का दामन थामा था।
- स्वास्थ्य स्थिति: कोर्ट को बताया गया कि गुप्ता वर्तमान में ‘चेयरमैन एमेरिटस’ हैं और उनकी कोई दैनिक भूमिका नहीं है। वे इस समय अमेरिका में अपनी तीसरी ओपन-हार्ट सर्जरी करवा रहे हैं।
- निष्पक्ष जांच की मांग: ट्राइडेंट ने मांग की है कि पंजाब की किसी एजेंसी के बजाय केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के माध्यम से नए सिरे से सैंपलिंग कराई जाए, क्योंकि उन्हें राज्य की टेस्टिंग पर भरोसा नहीं है।
सरकार और प्रदूषण बोर्ड का पक्ष
- PPCB की ओर से पेश सीनियर एडवोकेट डी.एस. पटवालिया ने इन आरोपों को खारिज किया।
- नियमित निरीक्षण: बोर्ड ने इसे एक “रूटीन इंस्पेक्शन” बताया और कहा कि याचिका केवल आशंकाओं पर आधारित है और समय से पहले (Premature) दायर की गई है।
- कोर्ट में आश्वासन: हालांकि, पटवालिया ने कोर्ट को भरोसा दिलाया कि सोमवार को मामले की मेरिट पर बहस होने तक कंपनी के खिलाफ कोई सख्त कदम नहीं उठाया जाएगा।
केस के मुख्य बिंदु (Key Highlights)
| बिंदु | विवरण |
| याचिकाकर्ता | ट्राइडेंट ग्रुप (करीब 15,000 कर्मचारियों वाली लिस्टेड कंपनी)। |
| बेंच | चीफ जस्टिस शील नागू और जस्टिस संजीव बेरी। |
| मुख्य मांग | पंजाब से बाहर की एजेंसी द्वारा सैंपलिंग और दंडात्मक कार्रवाई पर रोक। |
| अंतरिम राहत | सोमवार (4 मई, 2026) तक किसी भी तरह की कार्रवाई पर रोक। |
उद्योग बनाम राजनीति
ट्राइडेंट ग्रुप ने पर्यावरण नियमों के पालन का हवाला देते हुए कहा है कि उन्होंने पहले ही ₹5 करोड़ का पर्यावरण कोष (Environmental Corpus) बनाया हुआ है। हाई कोर्ट का यह अंतरिम आदेश कंपनी के लिए बड़ी राहत है, क्योंकि इससे अचानक फैक्ट्री बंदी या बिजली कटने का खतरा टल गया है। अब सोमवार की सुनवाई में तय होगा कि सैंपलिंग की प्रक्रिया पर कोर्ट क्या दिशा-निर्देश जारी करता है।

