Sunday, September 20, 2026
HomeHigh CourtCourt News: माता-पिता के रिश्ते चाहे जैसा भी हो, मां-बेटे का रिश्ता...

Court News: माता-पिता के रिश्ते चाहे जैसा भी हो, मां-बेटे का रिश्ता बना रहता है..यह रही पंजाब व हरियाणा हाईकोर्ट की टिप्पणी

Court News: पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने कहा, कोई भी माता या पिता अपने ही बच्चे के अपहरण के आरोपी नहीं हो सकते, क्योंकि दोनों ही बच्चे के समान रूप से प्राकृतिक अभिभावक होते हैं।

12 साल का बच्चा अपनी स्थिति को समझने और राय बनाने में सक्षम…

जस्टिस हरप्रीत सिंह बराड़ ने 29 अप्रैल को दिए अपने आदेश में कहा कि बच्चे की मां ऑस्ट्रेलिया में रहती है और जब उसे बेटे की परेशानी का पता चला तो वह तुरंत भारत आई। कोर्ट ने कहा कि माता-पिता के रिश्ते चाहे जैसे भी हों, लेकिन मां-बेटे का रिश्ता बना रहता है और एक मां का अपने बच्चे की तकलीफ पर प्रतिक्रिया देना स्वाभाविक है। कोर्ट ने कहा कि बच्चे की कस्टडी से जुड़े मामलों में उसकी भलाई सबसे महत्वपूर्ण होती है। 12 साल का बच्चा अपनी स्थिति को समझने और राय बनाने में सक्षम है, इसलिए उसकी इच्छा और भलाई को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। कोर्ट ने कहा कि इस स्थिति में किसी भी तरह का हस्तक्षेप उचित नहीं होगा। इसलिए याचिका खारिज की जाती है।

मां की कथित गैरकानूनी हिरासत से छुड़ाने की मांग की थी

कोर्ट ने यह टिप्पणी उस याचिका को खारिज करते हुए की, जिसमें एक व्यक्ति ने अपने 12 साल के भतीजे को उसकी ऑस्ट्रेलिया में रहने वाली मां की कथित गैरकानूनी हिरासत से छुड़ाने की मांग की थी। गुरुग्राम निवासी याचिकाकर्ता ने कोर्ट में दावा किया कि 24 अप्रैल को जब बच्चे का पिता बेल्जियम में एक बिजनेस कॉन्फ्रेंस में था, तब उसकी मां ऑफिस में घुसकर बच्चे का पासपोर्ट ले गई और तड़के उसे घर से लेकर चली गई। याचिकाकर्ता ने कहा कि उसने पुलिस को सूचना दी, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।

कोई न्यायिक आदेश मां को बच्चे से दूर रहने का निर्देश नहीं देता

कोर्ट ने यह भी कहा कि जब तक कोई न्यायिक आदेश मां को बच्चे से दूर रहने का निर्देश नहीं देता, तब तक उसे बच्चे से मिलने या उसे अपने साथ रखने से नहीं रोका जा सकता। साथ ही, चूंकि बच्चे की अभिभावकता से जुड़ी याचिका अभी गुरुग्राम की फैमिली कोर्ट में लंबित है, इसलिए पिता भी अकेले कस्टडी का दावा नहीं कर सकते।

मां की तरफ से वकील ने रखे तर्क

याचिका में यह भी कहा गया कि महिला ने पुलिस को झूठ बोलकर कहा कि वह बच्चे को सिर्फ एक घंटे के लिए दिल्ली में अपने माता-पिता से मिलवाने ले जा रही है, जबकि उसके माता-पिता दिल्ली में रहते ही नहीं हैं। साथ ही, महिला ने बच्चे की लोकेशन की कोई जानकारी भी नहीं दी। मां की तरफ से पेश वकील ने कोर्ट को बताया कि बच्चा खुद अपनी मां को कॉल करके बुला रहा था, क्योंकि पिता के विदेश जाने के बाद वह घर में अकेले नौकर के साथ रह रहा था। मां ने बच्चे की कॉल और मैसेज के स्क्रीनशॉट भी कोर्ट में पेश किए। वकील ने कहा कि जब तक अभिभावकता से जुड़ी याचिका पर फैसला नहीं हो जाता, तब तक मां को बच्चे की कस्टडी रखने का पूरा अधिकार है।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular

Patna
scattered clouds
34 ° C
34 °
34 °
59 %
3.1kmh
47 %
Sun
34 °
Mon
36 °
Tue
36 °
Wed
36 °
Thu
30 °

Recent Comments