Monday, February 16, 2026
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Protocol lapse: मुझे राजसी शिष्टाचार में कोई दिलचस्पी नहीं है…सीजेआई गवई ने यूं जताई नाराजगी

Protocol lapse: सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस बीआर गवई ने कहा, मैं इस बात से निराश हूं कि महाराष्ट्र के बड़े अफसर प्रोटोकॉल का पालन नहीं करते।

सीजेआई का गृह राज्य है महाराष्ट्र

दरअसल, सीजेआई शपथ लेने के बाद पहली बार 18 मई 2025 को अपने गृह राज्य महाराष्ट्र गए थे। मुंबई एयरपोर्ट पर राज्य के मुख्य सचिव, डीजीपी और मुंबई के पुलिस आयुक्त उन्हें रिसीव करने नहीं आए। इस बात को लेकर सीजेआई ने महाराष्ट्र-गोवा बार काउंसिल के कार्यक्रम में नाराजगी जताई और कहा, ‘मैं ऐसे छोटे-मोटे मुद्दों पर बात नहीं करना चाहता। लोकतंत्र के तीनों स्तंभ समान हैं और उन्हें एक-दूसरे के प्रति सम्मान दिखाना चाहिए।

दो दिवसीय दौरे पर महाराष्ट्र गए थे सीजेआई

सीजेआई 17 और 18 मई 2025 को महाराष्ट्र के दौरे पर हैं। 17 मई की शाम वह करीब सवा 7 बजे चार्टर्ड विमान से मुंबई पहुंचे। एयरपोर्ट पर प्रोटोकॉल के अनुसार, कानून और न्याय विभाग के मुख्य सचिव और उप सचिव के साथ प्रोटोकॉल विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव और मुख्य प्रोटोकॉल अधिकारी मनीषा म्हैसकर की उपस्थिति होनी चाहिए थी। मगर एयरपोर्ट पर बॉम्बे हाई कोर्ट के चुनिंदा अधिकारियों को छोड़कर उनका स्वागत करने कोई नहीं आया। वहां पर महाराष्ट्र सरकार की ओर से संविदा अधिकारी और किराए की कार को भेजा गया, जो उनके प्रोटोकॉल का घोर उल्लंघन है।

अफसरों को सोचना चाहिए, ऐसा व्यवहार उचित है या नहीं: सीजेआई

सीजेआई के रूप में नियुक्त होने के बाद महाराष्ट्र-गोवा बार काउंसिल के सम्मान समारोह में भाग लेते हुए सीजेआई गवई ने कहा, ‘मैं महाराष्ट्र की नौकरशाही की सराहना करना चाहूंगा। सात महीने पहले यह निर्णय लिया गया था कि अगला सीजेआई कौन होगा। उसके बाद मैं देश के किसी भी कोने में गया तो राज्य के मुख्य न्यायाधीश, पुलिस महानिदेशक और पुलिस कमिश्नर हवाई अड्डे पर मौजूद रहते थे। मैं मणिपुर, नगालैंड और असम गया। रांची से 400 किलोमीटर दूर देवगढ़ गया। मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक वहां मौजूद थे। जब महाराष्ट्र में आता हूं और मुख्य सचिव या पुलिस महानिदेशक या पुलिस कमिश्नर आने के योग्य महसूस नहीं करते हैं, तो उन्हें इस बारे में सोचना चाहिए। मुझे राजसी शिष्टाचार में कोई दिलचस्पी नहीं है। लेकिन जब किसी संवैधानिक संस्था का प्रमुख पहली बार राज्य के दौरे पर आ रहा हो तो अफसरों को इस बात पर विचार करना चाहिए कि ऐसा व्यवहार उचित है या नहीं।

पूरे मामले की चल रही जांच

प्रोटोकॉल विभाग के उप सचिव हेमंत डांगे ने सफाई दी कि सीजेआई को लेने के लिए जानेवाली सरकारी गाड़ी खराब हो गई थीं, इसलिए उन्हें किराये पर गाड़ी को करवानी पड़ी। इस पूरे मामले की जांच चल रही है। वहीं सीजेआई द्वारा आपत्ति लिए जाने के बाद राज्य की मुख्य सचिव सुजाता सौनिक और पुलिस महानिदेशक रश्मि शुक्ला तुरंत चैत्यभूमि स्थित कार्यक्रम स्थल पहुंच गए।

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