Set up bench: मुख्य न्यायाधीश बीआर गवई ने कहा, वे पश्चिम महाराष्ट्र के कोल्हापुर में बॉम्बे हाईकोर्ट की एक बेंच बनाने की मांग का समर्थन करते हैं।
औरंगाबाद बेंच में बॉम्बे बेंच से ज्यादा केस दर्ज होते
सीजेआई गवई पिछले महीने देश के 52वें मुख्य न्यायाधीश बने हैं। वे यहां बॉम्बे हाईकोर्ट की औरंगाबाद बेंच (अब छत्रपति संभाजीनगर) के वकीलों द्वारा आयोजित सम्मान समारोह में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि हर नागरिक को देश के हर कोने में न्याय मिलना चाहिए, ताकि उसे समय और पैसे की बर्बादी न हो। उन्होंने कहा, “जब भी कोल्हापुर में हाईकोर्ट की बेंच की मांग उठती है, मैं उसका समर्थन करता हूं। मैंने हमेशा औरंगाबाद बेंच का उदाहरण दिया है। आज औरंगाबाद बेंच में बॉम्बे बेंच से ज्यादा केस दर्ज होते हैं।”
मुंबई जाना सभी के लिए संभव नहीं
सीजेआई ने कहा, “हर सुनवाई के लिए मुंबई जाना सभी के लिए संभव नहीं होता। हर नागरिक को उसके नजदीक न्याय मिलना चाहिए, ताकि उसे ज्यादा समय और पैसा खर्च न करना पड़े।”
योग्यता के आधार पर होता है जजों का चयन
सीजेआई गवई ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट की कोलीजियम हमेशा योग्यता के आधार पर सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट के जजों का चयन करती है। उन्होंने कहा, “हमने कभी किसी उम्मीदवार की जाति, धर्म या वर्ग नहीं देखा। हमने सिर्फ उसकी योग्यता और पद के लिए उपयुक्तता देखी।”
सुप्रीम कोर्ट सभी जजों का कोर्ट है
सीजेआई ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट सिर्फ मुख्य न्यायाधीश का नहीं, बल्कि सभी जजों का कोर्ट है। इसलिए सभी फैसले सर्वसम्मति से लिए जाने चाहिए। उन्होंने कहा कि एक जज अलग-थलग रहकर काम नहीं कर सकता। जज होना सिर्फ 9 से 5 की नौकरी नहीं, बल्कि देश की सेवा है और यह एक संतुलन साधने जैसा काम है।
2006 की एक घटना को याद कर हुए भावुक
सीजेआई गवई 2006 की एक घटना को याद करते हुए भावुक हो गए। उन्होंने बताया कि उस समय वे यहां दूसरे जजों के साथ टेनिस खेल रहे थे। “आखिरी बॉल पर मैं बीमार हो गया और मुझे तुरंत अस्पताल ले जाया गया।

