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FREEDOM-SPEECH: सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी: सोशल मीडिया पर अभिव्यक्ति की आजादी के साथ जिम्मेदारी भी जरूरी

सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को कहा कि नागरिकों को अभिव्यक्ति की आजादी के महत्व को समझना चाहिए और सोशल मीडिया पर खुद पर नियंत्रण रखना चाहिए।

हिंदू देवी के खिलाफ आपत्तिजनक पोस्ट डाला

जस्टिस बीवी नागरत्ना और जस्टिस केवी विश्वनाथन की बेंच वजाहत खान की याचिका पर सुनवाई कर रही थी। खान पर कई राज्यों में एफआईआर दर्ज हैं, जिनमें पश्चिम बंगाल भी शामिल है। उन पर एक हिंदू देवी के खिलाफ सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर आपत्तिजनक पोस्ट करने का आरोप है। कोर्ट ने सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक पोस्ट को लेकर दिशा-निर्देश तय करने की संभावना पर विचार किया।

कथित रूप से सांप्रदायिक टिप्पणी करने का आरोप

कोर्ट ने 23 जून को उन्हें 14 जुलाई तक गिरफ्तारी से अंतरिम राहत दी थी। खान ने एक अन्य सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर शर्मिष्ठा पनौली के खिलाफ भी शिकायत दर्ज कराई थी। पनौली पर एक वीडियो में कथित रूप से सांप्रदायिक टिप्पणी करने का आरोप है। कोर्ट में खान के वकील ने कहा कि किसी आपत्तिजनक पोस्ट के जवाब में और आपत्तिजनक टिप्पणी नहीं की जानी चाहिए।

विभाजनकारी प्रवृत्तियाें को रोकना चाहिए

जस्टिस नागरत्ना ने कहा, “नागरिकों को अभिव्यक्ति की आजादी के मूल अधिकार की कीमत समझनी चाहिए। अगर इसका उल्लंघन होता है तो राज्य को हस्तक्षेप करना पड़ता है, हालांकि कोई नहीं चाहता कि राज्य इसमें दखल दे।” उन्होंने आगे कहा, “सोशल मीडिया पर जो विभाजनकारी प्रवृत्तियां हैं, उन्हें रोका जाना चाहिए।” हालांकि बेंच ने स्पष्ट किया कि इसका मतलब सेंसरशिप नहीं है।

अभिव्यक्ति की आजादी पर प्रतिबंध सही

बेंच ने कहा, “नागरिकों के बीच भाईचारा होना चाहिए।” कोर्ट इस बात पर विचार कर रही है कि नागरिकों के लिए अभिव्यक्ति की आजादी को लेकर कुछ दिशा-निर्देश तय किए जाएं। कोर्ट ने अनुच्छेद 19(2) के तहत अभिव्यक्ति की आजादी पर लगाए गए उचित प्रतिबंधों को सही ठहराया और कहा कि ये प्रतिबंध संविधान के अनुसार हैं। बेंच ने खान को अगली सुनवाई तक गिरफ्तारी से राहत बढ़ा दी और वकीलों से इस बड़े मुद्दे अभिव्यक्ति की आजादी में आत्मनियंत्रण पर कोर्ट की मदद करने को कहा।

खान को 9 जून को गिरफ्तार किया था

खान को 9 जून को कोलकाता पुलिस ने गिरफ्तार किया था। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर कहा कि उनके पुराने ट्वीट्स को लेकर असम, पश्चिम बंगाल, महाराष्ट्र और हरियाणा समेत कई राज्यों में एफआईआर दर्ज की गई हैं। खान ने कहा कि ये एफआईआर उस शिकायत के जवाब में दर्ज की गई हैं, जो उन्होंने पनौली के खिलाफ की थी। पनौली को गिरफ्तार किया गया था, लेकिन बाद में उन्हें जमानत मिल गई।

आरोपी ने सभी पोस्ट डिलीट किए

खान के वकील ने कोर्ट में कहा, “मैंने सभी पोस्ट डिलीट कर दिए हैं और माफी भी मांगी है।” उन्होंने यह भी कहा कि खान शायद “जो बोया था, वही काट रहे हैं।”याचिकाकर्ता के अनुसार, उनके खिलाफ पहली एफआईआर 2 जून को दर्ज की गई थी।

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