Judge’s Poem: रोहिणी कोर्ट के ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट फर्स्ट क्लास (JMFC) रोहित कुमार ने रिश्तों की टूटन पर एक कविता लिखी।
आरोपों से अलग तस्वीर सामने आई
मां की संपत्ति पर अवैध कब्जे के आरोप में गिरफ्तार बेटे को जमानत देते हुए जज की लिखी कविता की की एक पंक्ति थी- “मिल्कियत की जंग में ना जाने कितने अफसाने हुए, कुछ ही अपने थे, वो भी अब बेगाने हुए।” जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान कोर्ट ने आरोपी नितिन सोनी और उसके वकील की दलीलें सुनीं। साथ ही, कोर्ट ने घटना से जुड़ा सीसीटीवी फुटेज भी देखा, जिसमें शिकायतकर्ता द्वारा लगाए गए आरोपों से अलग तस्वीर सामने आई।
मां ने दर्ज कराई थी FIR
नितिन की मां इंदु सैनी ने प्रशांत विहार थाने में अपने बेटे और बहू के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि 12 जुलाई को जब वह कोर्ट से लौटकर अपनी बेटी के साथ वंदना अपार्टमेंट स्थित अपने घर पहुंचीं, तो देखा कि बेटा घर के अंदर है और गाली-गलौज कर रहा है। शिकायत में यह भी कहा गया कि बहू लोहे की रॉड लेकर बाहर आई और उन्हें पीटा।
बेटे की ओर से दी गई दलीलें
आरोपी के वकील ने कोर्ट में कहा कि यह अवैध कब्जे का मामला नहीं है। शिकायतकर्ता ने खुद मौखिक सहमति से बेटे को संपत्ति का कब्जा दिया था। उन्होंने कुछ तस्वीरें भी पेश कीं, जिनमें दिखाया गया कि आरोपी और उसका परिवार 10 जुलाई 2025 से पहले ही उस संपत्ति में रह रहे थे।
सीसीटीवी फुटेज में दिखा उल्टा मामला
कोर्ट ने 14 जुलाई 2025 की सीसीटीवी फुटेज भी देखी, जिसमें शिकायतकर्ता की बेटी कुछ लोगों के साथ विवादित संपत्ति में घुसती दिखी। उनके साथ लोहे की रॉड और हथौड़े लिए लोग भी थे।
वसीयत के आधार पर मालिकाना हक का दावा
आरोपी के वकील ने यह भी बताया कि नितिन के पक्ष में एक वसीयत है, जिसके अनुसार वह संपत्ति का पूर्ण मालिक है। इस वसीयत की प्रोबेट याचिका संबंधित कोर्ट में लंबित है।
पुलिस की मिलीभगत का आरोप
आरोपी पक्ष ने यह भी आरोप लगाया कि शिकायतकर्ता पुलिस की मिलीभगत से उन्हें परेशान कर रही है।
सभी तथ्यों और दलीलों को सुनने के बाद कोर्ट ने आरोपी नितिन सोनी को जमानत दे दी। कोर्ट ने कहा कि यह मामला पारिवारिक विवाद का है, जिसमें दोनों पक्षों की भूमिका जांच का विषय है।

