Supreme Court Chief Justice BR Gavai
CJI Views: भारत के मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) बीआर गवई ने कहा, मध्यस्थता (Mediation) के जरिए न्याय तक पहुंच को बेहतर बनाया जा सकता है।
कार्यक्रम का किया संबोधन
सीजेआई ने कहा, इससे विवादों को मुकदमे में बदलने से रोका जा सकता है और पारंपरिक अदालतों पर बोझ भी कम होता है। 6वें इंटरनेशनल वर्चुअल समर स्कूल ऑन मेडिएशन के उद्घाटन समारोह में उन्होंने कहा, मध्यस्थता को विवाद सुलझाने के एक नियमित तरीके के रूप में अपनाने से मुकदमों की संख्या घट सकती है।
मध्यस्थता जीवन कौशल भी है: सीजेआई
CJI गवई ने कहा कि मध्यस्थता सिर्फ एक प्रोफेशनल स्किल नहीं, बल्कि एक जीवन कौशल (Life Skill) भी है। यह हमें धैर्य से सुनना, प्रभावी ढंग से संवाद करना और रचनात्मक तरीके से मतभेद सुलझाना सिखाती है। भारतीय कानूनों और अदालतों ने लंबे समय से मध्यस्थता को न्याय देने के एक प्रभावी माध्यम के रूप में मान्यता दी है।
बार को निभानी होगी अहम भूमिका
सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष विकास सिंह ने कहा कि देश में मध्यस्थता को बढ़ावा देने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि बार इसमें अहम भूमिका निभा सकता है। अगर ज्यादा मामले मध्यस्थता में नहीं भेजे गए, तो अदालतों में लंबित मामलों की संख्या और बढ़ेगी।







