Genesis of incident: 48 साल पहले अपनी गर्लफ्रेंड पर चाकू से हमला करने के आरोपी को आखिरकार ट्रायल का सामना करना पड़ेगा।
81 वर्षीय चंद्रशेखर माधुकर कालेकर को जमानत
मुंबई सत्र न्यायालय ने 81 वर्षीय चंद्रशेखर माधुकर कालेकर को जमानत दे दी है, जो 1977 से फरार था। पुलिस के अनुसार, 23 साल की उम्र में कालेकर ने अपनी गर्लफ्रेंड पर शक करते हुए उस पर चाकू से वार किया था। उस वक्त उसे हत्या के प्रयास के आरोप में गिरफ्तार किया गया था, लेकिन जमानत मिलने के बाद वह दोबारा कोर्ट में पेश नहीं हुआ।
चार दशक तक फरार, पुलिस को नहीं मिला सुराग
कोर्ट ने उसे फरार घोषित कर गैर-जमानती वारंट (NBW) जारी किया था। पुलिस को लंबे समय तक उसका कोई पता नहीं चला, क्योंकि उसकी पुरानी बिल्डिंग का पुनर्निर्माण हो गया था और ठिकाना बदल गया था। करीब चार दशक बाद पुलिस को एक सुराग मिला—2015 में रत्नागिरी के दापोली थाने में एक सड़क हादसे के मामले में उसका नाम दर्ज हुआ था। इसके बाद कोलाबा पुलिस ने उसे ट्रेस कर गिरफ्तार किया।
पुरानी फोटो से हुई पहचान, खुद कबूला जुर्म
कालेकर की पहचान करना पुलिस के लिए बड़ी चुनौती थी क्योंकि इतने साल बीत चुके थे। लेकिन पुरानी तस्वीरों की मदद से उसे पहचाना गया। पूछताछ में उसने हमले की बात कबूल कर ली। कोर्ट में कहा—‘बीमारी और झोपड़ी टूटने की वजह से हाजिर नहीं हो पाया।’ कोर्ट में आरोपी के वकील सुनील पांडेय ने दलील दी कि “जमानत के बाद उसका घर बदल गया था, नोटिस नहीं मिला। वह 81 साल का है और बीमार है। 2010 में उसकी झोपड़ी टूट गई थी और वह अस्पताल में भर्ती था, इसलिए कोर्ट में पेश नहीं हो सका। वहीं, सरकारी वकील आनंद सुखदेवे ने जमानत का विरोध करते हुए कहा कि आरोपी की वजह से मुकदमा इतने साल लंबा खिंचा और वह फिर से फरार हो सकता है।
जज बोले – उम्र और भरोसे को देखते हुए जमानत उचित
सत्र न्यायाधीश अविनाश पी. कुलकर्णी ने कहा कि आरोपी ने अदालत को आश्वासन दिया है कि वह अब ट्रायल में शामिल होगा। उसकी उम्र को देखते हुए कोर्ट ने जमानत मंजूर कर ली। अब 48 साल बाद, चंद्रशेखर माधुकर कालेकर के खिलाफ मुकदमे की सुनवाई शुरू होगी।

