Delhi High Court
Fast-track extradition: दिल्ली हाईकोर्ट ने अमेरिका में रह रहे धोखाधड़ी के आरोपी अमित वाधवा के प्रत्यर्पण (Extradition) की प्रक्रिया में तेजी लाने का निर्देश केंद्र सरकार को दिया है।
कोर्ट के आदेश से मामले में तेजी आने की उम्मीद
न्यायमूर्ति नीना बंसल कृष्णा ने एक दशक से अधिक समय से न्याय का इंतजार कर रही पीड़िता शीनम रहेजा की याचिका पर सुनवाई करते हुए यह आदेश जारी किया। एडवोकेट विवेक गुप्ता और रवि द्राल ने दलील दी कि जांच वर्षों पहले पूरी होने के बावजूद प्रभावी कदम न उठाए जाने से शिकायतकर्ता को भारी नुकसान हुआ है। अब कोर्ट के इस आदेश से मामले में तेजी आने की उम्मीद है।
यह है पूरा मामला
यह मामला 2009 में दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (EOW) द्वारा दर्ज की गई एक FIR से जुड़ा है। पीड़िता का आरोप है कि उसके पति अमित वाधवा ने वैवाहिक क्रूरता के साथ-साथ उसके बैंक खाते से 1.26 करोड़ रुपये से अधिक की धोखाधड़ी की। आरोपी को पहले ही भगोड़ा घोषित किया जा चुका है, लेकिन वह वर्तमान में अमेरिका में रह रहा है।
अदालत की महत्वपूर्ण टिप्पणियां
- ट्रायल की समय सीमा: हाईकोर्ट ने निचली अदालत (तीस हजारी) को निर्देश दिया है कि लंबे समय से लंबित इस आपराधिक मामले को एक वर्ष के भीतर निपटाया जाए।
- केंद्र को निर्देश: केंद्र सरकार के वकील ने बताया कि प्रत्यर्पण का मामला अमेरिकी न्याय विभाग के पास लंबित है। इस पर कोर्ट ने केंद्र को “त्वरित और व्यावहारिक कदम” उठाने का निर्देश दिया ताकि आरोपी को भारत वापस लाया जा सके।
- पीड़िता का संघर्ष: कोर्ट ने पीड़िता के प्रयासों की सराहना की, जिसने RTI के जरिए मामले का फॉलोअप किया। कोर्ट ने नोट किया कि आरोपी अदालती कार्यवाही से वाकिफ है और वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए अवमानना के मामलों में शामिल भी हो चुका है।






