HomeDelhi High CourtPECUNIARY JURISDICTION: दिल्ली जिला अदालतों का दायरा बढ़ाने की तैयारी; 30 जनवरी...

PECUNIARY JURISDICTION: दिल्ली जिला अदालतों का दायरा बढ़ाने की तैयारी; 30 जनवरी को जानेंगे क्या-क्या हुआ

PECUNIARY JURISDICTION: दिल्ली की जिला अदालतों की आर्थिक न्यायक्षेत्र (Pecuniary Jurisdiction) सीमा बढ़ाने की मांग अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच गई है।

यह है वकीलों की मांग

फिलहाल, दिल्ली की जिला अदालतें 2 करोड़ रुपये तक के मूल्य वाले दीवानी (Civil) मामलों की सुनवाई कर सकती हैं। वकीलों की समन्वय समिति ने इसे बढ़ाकर न्यूनतम 20 करोड़ रुपये करने की मांग की है। दिल्ली हाई कोर्ट के जजों की एक विशेष कमेटी ने इस मुद्दे पर चर्चा के लिए 30 जनवरी को जिला बार संघों की समन्वय समिति के प्रतिनिधियों को बुलाया है।

मांग के पीछे मुख्य तर्क

  • महंगाई का असर: वकीलों का कहना है कि बढ़ती महंगाई के कारण संपत्तियों और व्यापारिक विवादों की कीमत अब 2 करोड़ से कहीं ज्यादा हो गई है।
  • सुलभ न्याय: जिला अदालतों में सुनवाई होने से आम जनता को कम खर्च में उनके घर के पास न्याय मिल सकेगा।
  • हाई कोर्ट का बोझ कम होगा: दायरा बढ़ने से हाई कोर्ट में लंबित छोटे मामलों का बोझ कम होगा, जिससे न्याय की गति तेज होगी।

मामले का घटनाक्रम

  • मई 2025: वकीलों के एक प्रतिनिधिमंडल ने केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल से मुलाकात कर दिल्ली हाई कोर्ट एक्ट में संशोधन की मांग की थी।
  • नवंबर 2025: पटियाला हाउस कोर्ट परिसर में वकीलों ने एक बड़ी सभा कर इस मांग को पुरजोर तरीके से उठाया।
  • जनवरी 2026: दिल्ली हाई कोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल ने पत्र जारी कर समन्वय समिति के 3-4 प्रतिनिधियों को जजों के साथ बातचीत के लिए आमंत्रित किया।

यह कहते हैं विशेषज्ञ

समन्वय समिति के अध्यक्ष नागेंद्र कुमार और NDBA सचिव तरुण राणा का मानना है कि देरी से मिला न्याय, न्याय न मिलने के बराबर है। उनका कहना है कि सक्षम प्राधिकारी अब इस मांग से सहमत दिख रहे हैं, जो आम वादियों के हित में एक बड़ा कदम होगा।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular

Patna
haze
30 ° C
30 °
30 °
62 %
4.6kmh
75 %
Wed
38 °
Thu
38 °
Fri
39 °
Sat
36 °
Sun
38 °

Recent Comments