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IMMIGRATION ENFORCEMENT: अमेरिका में ट्रंप प्रशासन की आव्रजन नीतियों (Immigration Policies) को लेकर न्यायिक टकराव तेज हो गया है।
जज ने नाराजगी जताई
मिनेसोटा के मुख्य संघीय न्यायाधीश ने Immigration and Customs Enforcement (ICE) के कार्यवाहक निदेशक टॉड लायंस को अदालत में व्यक्तिगत रूप से पेश होने का फरमान सुनाया है। जज ने नाराजगी जताते हुए पूछा है कि अदालती आदेशों की अनदेखी करने के लिए उनके खिलाफ ‘अदालत की अवमानना’ (Contempt of Court) की कार्यवाही क्यों न शुरू की जाए।
अदालत की कड़ी फटकार: “धैर्य की सीमा समाप्त”
- चीफ जज पैट्रिक जे. शिल्ट्ज़ ने अपने आदेश में ट्रंप प्रशासन की कार्यप्रणाली पर तीखी टिप्पणी की।
- सुनवाई में देरी: प्रशासन हिरासत में लिए गए प्रवासियों को सुनवाई (Due Process) का अधिकार देने में विफल रहा है।
- संसाधनों की कमी: सरकार ने मिनेसोटा में हजारों एजेंट तो भेज दिए, लेकिन उनसे जुड़े कानूनी मामलों और याचिकाओं से निपटने का कोई इंतजाम नहीं किया।
- असाधारण कदम: जज ने माना कि किसी संघीय एजेंसी के प्रमुख को व्यक्तिगत रूप से बुलाना एक “असाधारण कदम” है, लेकिन ICE द्वारा अदालती आदेशों का उल्लंघन भी “असाधारण” स्तर पर पहुंच गया है।
तनाव की पृष्ठभूमि: हिंसा और मौतें
- यह कानूनी सख्ती ऐसे समय में आई है जब मिनेसोटा में आव्रजन प्रवर्तन के दौरान तनाव चरम पर है।
- हिरासत में मौत: इस महीने आव्रजन अधिकारियों की कार्रवाई के दौरान दूसरे व्यक्ति की मौत के बाद मामला गरमा गया है।
- बॉर्डर ज़ार की एंट्री: राष्ट्रपति ट्रंप ने हाल ही में ‘बॉर्डर ज़ार’ टॉम होमन को मिनेसोटा में आव्रजन कार्रवाई की कमान संभालने का आदेश दिया है।
बचने का इकलौता रास्ता
जज शिल्ट्ज़ ने अपने आदेश में एक शर्त भी रखी है। उन्होंने कहा कि यदि संबंधित याचिकाकर्ता (प्रवासी) को हिरासत से रिहा कर दिया जाता है, तो ICE चीफ को अदालत में पेश होने की जरूरत नहीं होगी और उनकी उपस्थिति रद्द कर दी जाएगी। अदालत ने स्पष्ट कर दिया है कि सुरक्षा और प्रवर्तन के नाम पर कानूनी प्रक्रियाओं और मानवाधिकारों की अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।







