Sunday, February 15, 2026
HomeDecision 30'sEmployer Case: इस्तीफा न मानना बंधुआ मजदूरी समान…यह रही केरल हाईकोर्ट की...

Employer Case: इस्तीफा न मानना बंधुआ मजदूरी समान…यह रही केरल हाईकोर्ट की नसीहत

Employer Case: केरल हाईकोर्ट ने एक सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम (पीएसयू) के कंपनी सचिव को राहत दी।

यह रहा अदालत का निर्देश

हाईकोर्ट ने कहा, बिना वैध कारण कर्मचारी का इस्तीफा स्वीकार न करना बंधुआ मजदूरी के समान है। अदालत ने स्पष्ट किया कि यदि कर्मचारी ने नोटिस अवधि और अनुबंध की शर्तों का पालन किया है, तो नियोक्ता केवल गंभीर कदाचार या आर्थिक नुकसान जैसी परिस्थितियों में ही इस्तीफा रोक सकता है।

यह है मामला

मामले में पीएसयू ने वित्तीय कठिनाइयों का हवाला देकर इस्तीफा स्वीकार नहीं किया और कर्मचारी को ड्यूटी जॉइन करने के नोटिस भेजे। कोर्ट ने इसे गलत ठहराते हुए दो महीने में इस्तीफा स्वीकार करने और अक्टूबर 2022 से बकाया वेतन व अन्य लाभ देने का आदेश दिया।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular

Recent Comments