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SC/ST Act: चहारदीवारी के भीतर जातिसूचक गाली देना अपराध नहीं…यह Public View नहीं है

SC/ST Act: बॉम्बे हाई कोर्ट ने अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम, 1989 (SC/ST Act) के तहत दर्ज एक FIR को यह कहते हुए रद्द कर दिया।

हाईकोर्ट के जस्टिस राजेश एस. पाटिल और जस्टिस ए.एस. गडकरी की बेंच ने FIR को क्वैश (Quash) करते हुए कहा कि कथित घटना ‘सार्वजनिक दृश्य’ (Public View) में नहीं हुई थी। कोर्ट ने माना कि ‘गोशाला’ (Cattle Shed) के भीतर दी गई गाली कानून के दायरे में अपराध नहीं मानी जा सकती।

पूरा मामला क्या था? (Background)

  • विवाद की वजह: मामला एक हैंडपंप और रास्ते की घेराबंदी (Fencing) को लेकर था। याचिकाकर्ता (Petitioner) ने एक रास्ते पर तार लगा दिए थे, जिससे शिकायतकर्ता का हैंडपंप तक जाने का रास्ता रुक गया था।
  • घटना: शिकायतकर्ता के अनुसार, जब वह अपनी गोशाला में मवेशियों को बांध रहा था, तब याचिकाकर्ता वहां आया और जोर-जोर से मराठी में बहस करने लगा। आरोप था कि उसने वहां मौजूद शिकायतकर्ता की पत्नी, बेटी और रिश्तेदारों के सामने जातिसूचक गालियां दीं।
  • देरी: इस मामले में FIR दर्ज कराने में 30 दिनों की देरी हुई थी, जिसका कोई ठोस कारण नहीं दिया गया।

कोर्ट का फैसला और कानूनी तर्क

  • ‘Public View’ (सार्वजनिक दृश्य) की परिभाषा: कोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट के ‘स्वर्ण सिंह बनाम स्टेट’ मामले का हवाला देते हुए कहा कि SC/ST एक्ट की धारा 3(1)(r) और 3(1)(s) के तहत अपराध तभी बनता है जब अपमान किसी ऐसी जगह पर हो जो “पब्लिक व्यू” में हो।
  • स्वतंत्र गवाहों की कमी: अदालत ने नोट किया कि घटना के समय वहां केवल परिवार के सदस्य या करीबी दोस्त मौजूद थे। “चूंकि मौके पर मौजूद कोई भी गवाह ‘स्वतंत्र गवाह’ (Independent Witness) नहीं था और घटना गोशाला की चारदीवारी के भीतर हुई, इसलिए इसे सार्वजनिक दृश्य में हुई घटना नहीं कहा जा सकता।”
  • देरी और मंशा: कोर्ट ने 30 दिनों की देरी और रास्ते के विवाद को देखते हुए FIR को रद्द कर दिया। कोर्ट का मानना था कि निजी स्थान पर हुई ऐसी बहस को एक्ट के तहत आपराधिक श्रेणी में नहीं रखा जा सकता।

IN THE HIGH COURT OF JUDICATURE AT BOMBAY
CRIMINAL APPELLATE JURISDICTION
WRIT PETITION NO. 1356 OF 2023
PRONOUNCED ON : 12th MARCH, 2026
CORAM : A. S. GADKARI AND RAJESH S. PATIL, JJ.
Shailendra Bankebihari Singh, Age : 51 yrs
Versus
The State of Maharashtra Through Pali Police Station, Sudhagad Vide C.R. No.189/2022, Laxman Raja Waghmare, Age : 66 yrs

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