Runaway Couple: सुप्रीम कोर्ट के पार्किंग लॉट में एक ऐसा नजारा दिखा जो अक्सर फिल्मों में होता है।
दरअसल, एक प्रेमी जोड़ा (Runaway Couple), जो अपने घरवालों के डर से भागा था, सीधे सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया। उन्हें लगा कि चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) खुद उनकी शादी कराएंगे और सुरक्षा देंगे।
सोशल मीडिया रील का ‘भ्रामक’ असर
वकील ने कोर्ट को बताया कि यह जोड़ा सोशल मीडिया रील्स देखकर इस गलतफहमी में था कि वे सुप्रीम कोर्ट के परिसर में ही शादी कर सकते हैं। उन्हें सीधे CJI से तत्काल सुरक्षा मिल जाएगी। वकील के अनुसार, जोड़ा बुरी तरह डरा हुआ था। उनका दावा था कि उनके माता-पिता उनके रिश्ते के सख्त खिलाफ हैं और उन्हें कड़ी सजा देना चाहते हैं।
CJI की टिप्पणी: सीधे यहाँ क्यों आए?
- जब वकील ने चीफ जस्टिस सूर्यकांत की बेंच के सामने मामले का जिक्र किया, तो CJI ने कुछ महत्वपूर्ण कानूनी बातें कहीं।
- हाई कोर्ट का अधिकार: CJI ने पूछा कि लोग सीधे सुप्रीम कोर्ट क्यों भाग आते हैं और हाई कोर्ट (अनुच्छेद 226) को ‘सौतेला व्यवहार’ (Step-motherly treatment) क्यों देते हैं? सुरक्षा के मामलों में हाई कोर्ट के पास भी व्यापक शक्तियां हैं।
- पुराना अनुभव: CJI ने याद किया कि जब वे पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट में जज थे, तब उन्होंने ऐसे अनगिनत मामले सुलझाए थे।
- पुलिस का व्यवहार: वकील ने आरोप लगाया कि जब वे जोड़े को तिलक मार्ग थाने ले गईं, तो पुलिस ने सुरक्षा देने के बजाय उन्हें हिरासत में लेने की कोशिश की।
कोर्ट का ‘सुपर’ एक्शन
- सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले को हल्के में नहीं लिया और बीच का रास्ता निकाला।
- हाई कोर्ट जाने का निर्देश: वकील से कहा गया कि वे तुरंत दिल्ली हाई कोर्ट में सुरक्षा की याचिका दाखिल करें।
- सीधी निगरानी: CJI ने कहा कि वे खुद संबंधित हाई कोर्ट के रजिस्ट्रार (Judicial) से बात करेंगे ताकि इस मामले पर तुरंत और उचित विचार किया जा सके।
- आश्वासन: बेंच ने कहा कि अगर हाई कोर्ट से राहत नहीं मिलती, तब वे दोबारा सुप्रीम कोर्ट आने के लिए स्वतंत्र हैं।

