Bengal Power Shift: पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन के ऐतिहासिक घटनाक्रम के बीच भाजपा (BJP) के लीगल सेल से जुड़े वकीलों ने कलकत्ता हाई कोर्ट से एक विशेष मौखिक अपील की है।
सरकार के खिलाफ प्रतिकूल आदेश न पारित करने की अपील
वकीलों ने जजों से आग्रह किया है कि राज्य में नई सरकार के गठन और प्रशासनिक व्यवस्था के स्थिर होने तक पश्चिम बंगाल सरकार के खिलाफ फिलहाल कोई प्रतिकूल आदेश (Adverse Orders) पारित न किए जाएं। वर्ष 2026 के विधानसभा चुनाव परिणामों के बाद बंगाल की राजनीति में 15 साल बाद बड़ा बदलाव आया है। भाजपा ने 294 सदस्यीय विधानसभा में 207 सीटें जीतकर ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली TMC सरकार के शासन को समाप्त कर दिया है।
वकीलों की दलील: प्रशासनिक बदलाव का दौर
- वकील राजदीप मजूमदार, धीरज त्रिवेदी और सुस्मिता साहा दत्ता ने कोर्ट में दलील दी।
- प्रशासनिक रिक्तता: चूंकि वर्तमान में सत्ता का हस्तांतरण (Transition) हो रहा है, इसलिए सरकारी तंत्र पूरी तरह से सक्रिय होने में कुछ समय लेगा।
- अपील: जजों से अनुरोध किया गया कि कुछ दिनों के लिए राज्य सरकार के खिलाफ कोई दंडात्मक या प्रतिकूल निर्देश जारी न किए जाएं ताकि नई भाजपा सरकार कामकाज संभाल सके।
कोर्ट का रुख: चीफ जस्टिस सुजय पॉल का आश्वासन
चीफ जस्टिस सुजय पॉल की अदालत में जब यह मामला उठाया गया, तो उन्होंने कहा कि वे इस मौखिक अनुरोध पर विचार करेंगे। चीफ जस्टिस ने वकीलों की चिंताओं को सुना और संकेत दिया कि न्यायपालिका प्रशासनिक बदलाव की संवेदनशीलता को ध्यान में रखेगी।
ऐतिहासिक जनादेश (2026 चुनाव परिणाम)
- यह कानूनी अपील बंगाल में आए एक बड़े चुनावी ‘भूकंप’ के तुरंत बाद हुई है।
- भाजपा की जीत: भाजपा ने 207 सीटों के साथ स्पष्ट बहुमत हासिल किया है।
- TMC की हार: तृणमूल कांग्रेस (TMC) 15 साल के निरंतर शासन के बाद सत्ता से बाहर हो गई है (लगभग 80 सीटों पर सिमट गई)।
- प्रतीकात्मक हार: निवर्तमान मुख्यमंत्री ममता बनर्जी अपनी भवानीपुर सीट से पूर्व सहयोगी और भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी से चुनाव हार गईं।
सुचारू परिवर्तन की कोशिश
भाजपा के लीगल सेल की यह पहल स्पष्ट करती है कि नई सरकार कानूनी मोर्चे पर किसी भी तरह की तत्काल बाधा या पिछली सरकार के लंबित मामलों में प्रतिकूल फैसलों से बचना चाहती है। यह बंगाल के प्रशासनिक इतिहास में एक महत्वपूर्ण मोड़ है, जहाँ कोर्ट और सरकार के बीच एक ‘बफर पीरियड’ की मांग की जा रही है।

