Bahrain IC: भारत की वरिष्ठ अधिवक्ता और पूर्व अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल डॉ. पिंकी आनंद को बहरीन इंटरनेशनल कमर्शियल कोर्ट (BICC) की जज नियुक्त किया गया है।
यह अदालत 5 नवंबर 2025 को औपचारिक रूप से लॉन्च होगी
यह अदालत 5 नवंबर 2025 को औपचारिक रूप से लॉन्च की जाएगी। पिंकी आनंद भारतीय न्यायिक जगत का एक बड़ा नाम हैं, जिनका कानूनी करियर चार दशकों से अधिक लंबा रहा है। उन्होंने 2014 से 2020 तक भारत सरकार में अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल (ASG) के रूप में कार्य किया और कई अहम संवैधानिक व अंतरराष्ट्रीय मामलों में देश का प्रतिनिधित्व किया। उन्होंने भारत, दुबई, मलेशिया और सिंगापुर में बतौर आर्बिट्रेटर (मध्यस्थ) काम किया है और BRICS लीगल फोरम की संस्थापक सदस्य भी रही हैं। पिंकी आनंद को यह नियुक्ति बहरीन की आधिकारिक राजपत्र (गजट) में अन्य अंतरराष्ट्रीय व बहरीनी जजों के साथ अधिसूचित की गई है।
अंतरराष्ट्रीय न्याय का नया अध्याय
BICC की अध्यक्षता सुप्रसिद्ध आर्बिट्रेशन विशेषज्ञ जान पॉलसन करेंगे। अदालत में कुल 17 जज होंगे — जिनमें 7 महिलाएं और 10 पुरुष शामिल हैं। यह अदालत मार्च 2024 में बहरीन और सिंगापुर के बीच हुए समझौते का परिणाम है और इसे सिंगापुर इंटरनेशनल कमर्शियल कोर्ट (SICC) के मॉडल पर तैयार किया गया है। BICC अंग्रेज़ी और अरबी दोनों भाषाओं में जटिल क्रॉस-बॉर्डर कमर्शियल विवादों की सुनवाई करेगी। अंग्रेज़ी मामलों में अपील SICC के इंटरनेशनल कमेटी के पास जाएगी, जबकि अरबी मामलों या पारस्परिक सहमति वाले मामलों में अपील BICC की अपीलीय पीठ सुनेगी। BICC की सेक्रेटरी जनरल मारीक पॉलसन ने कहा, “यह दो देशों के बीच अंतरराष्ट्रीय न्याय की दिशा में अभूतपूर्व साझेदारी है, जो सीमा-पार विवाद समाधान का नया अध्याय खोलेगी।”
भारत के लिए गर्व का क्षण
कानून और न्याय राज्य मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने डॉ. पिंकी आनंद को बधाई देते हुए कहा, “भारत की एक प्रतिष्ठित विधिवेत्ता को ऐसे वैश्विक मंच पर स्थान मिलना हमारे देश की अंतरराष्ट्रीय कानूनी साख और आर्बिट्रेशन विशेषज्ञता की बड़ी पहचान है। यह नियुक्ति सीमा-पार न्यायिक सहयोग को और मजबूत करेगी।”
भारत से जारी रहेगा पेशेवर योगदान
सूत्रों के अनुसार, डॉ. आनंद अपनी अंतरराष्ट्रीय भूमिका के साथ-साथ भारत में भी अपनी वकालत जारी रखेंगी। वे BICC में अपने दायित्वों का निर्वहन ऑनलाइन या समय-समय पर बहरीन जाकर करेंगी। 5 नवंबर को BICC की पहली औपचारिक बैठक आयोजित होगी, जो बहरीन के “किंग हमाद लेक्चर ऑन न्यूट्रल जस्टिस” के साथ आयोजित एक अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का हिस्सा होगी। यह सम्मेलन वैश्विक न्याय और सीमा-पार विवाद समाधान पर केंद्रित होगा।

