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BCI censures: देश में विदेशी वकीलों और लॉ फर्म्स की एंट्री को लेकर बार काउंसिल ऑफ इंडिया (BCI) और सोसाइटी ऑफ इंडियन लॉ फर्म्स (SILF) के बीच टकराव बढ़ गया है।
SILF की प्रेस रिलीज में इस्तेमाल की गई भाषा पेशेवर आचरण का उल्लंघन
BCI ने SILF पर लगातार उसकी अथॉरिटी को कमजोर करने और भ्रामक बयान जारी करने का आरोप लगाया है। BCI ने 29 जून को एक प्रेस रिलीज जारी कर कहा कि SILF की भाषा पेशेवर आचरण के खिलाफ है और इसके लिए जिम्मेदार लोगों को नोटिस भेजने पर गंभीरता से विचार किया जा रहा है। BCI के सचिव श्रीमंतो सेन ने कहा कि SILF की प्रेस रिलीज में इस्तेमाल की गई भाषा पेशेवर आचरण का उल्लंघन है। उन्होंने कहा कि कुछ चुनिंदा बड़ी लॉ फर्म्स द्वारा नियंत्रित यह संस्था लगातार BCI की वैधानिक अथॉरिटी को कमजोर करने की कोशिश कर रही है।
भ्रामक जानकारी फैलाने का आरोप
BCI ने कहा कि SILF द्वारा जानबूझकर भ्रामक जानकारी फैलाई जा रही है, जिससे वकीलों और आम जनता के बीच गलत धारणा बन रही है। यह सिर्फ गलत सूचना नहीं, बल्कि वकालत पेशे की गरिमा और ईमानदारी के खिलाफ भी है।
SILF के दावे को बताया अतिशयोक्तिपूर्ण
SILF ने विदेशी वकीलों की एंट्री को देश की कानूनी व्यवस्था के लिए नुकसानदायक बताया था। इस पर BCI ने कहा कि यह दावा अतिशयोक्तिपूर्ण और नुकसान पहुंचाने वाला है। BCI के मुताबिक, सीमित विदेशी भागीदारी से प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी, युवा वकीलों को मौके मिलेंगे और भारत की अंतरराष्ट्रीय साख मजबूत होगी।
बड़ी लॉ फर्म्स पर एकाधिकार का आरोप
BCI ने कहा कि SILF का यह दावा गलत है कि भारत में लॉ फर्म्स के बीच कोई एकाधिकार नहीं है। BCI के अनुसार, कुछ बड़ी फर्म्स ने विदेशी क्लाइंट्स और नेटवर्क के जरिए कॉरपोरेट और आर्बिट्रेशन मामलों पर एकाधिकार बना लिया है। इससे छोटे, मझोले और क्षेत्रीय फर्म्स के साथ-साथ युवा वकीलों को अंतरराष्ट्रीय मामलों में अवसर नहीं मिल पा रहे हैं।
प्रेस रिलीज को बताया निजी हितों की रक्षा
BCI ने कहा कि SILF की ओर से जारी की गई सनसनीखेज और भ्रामक प्रेस रिलीज वकालत पेशे का निजी या वर्गीय हितों के लिए इस्तेमाल करने जैसा है, जो BCI के नियमों के खिलाफ है।
दोषियों पर हो सकती है कार्रवाई
BCI ने कहा कि वह इन प्रेस रिलीज के लिए जिम्मेदार लोगों को नोटिस भेजने पर विचार कर रहा है। अगर दोषी पाए गए, तो उन्हें फटकार, सस्पेंशन या वकीलों की सूची से हटाने जैसी अनुशासनात्मक कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है।
नए नियमों में विदेशी वकीलों पर सख्त सीमाएं
BCI ने हाल ही में विदेशी वकीलों और लॉ फर्म्स के लिए रजिस्ट्रेशन और रेगुलेशन से जुड़े संशोधित नियम जारी किए हैं। ये नियम सुप्रीम कोर्ट के फैसलों और कानूनी समीक्षा के बाद बनाए गए हैं। इनके तहत विदेशी वकील भारत में सिर्फ सलाह देने का काम कर सकते हैं, लेकिन भारतीय कानून की प्रैक्टिस या अदालतों में पेशी की इजाजत नहीं होगी।
18 जून को भी SILF को दी थी चेतावनी
BCI ने 18 जून को भी SILF की आशंकाओं को गलत बताते हुए कहा था कि उसने संशोधित नियमों के कई अहम पहलुओं को नजरअंदाज किया है या गलत तरीके से पेश किया है।






