Cheque Bounce: राजस्थान हाईकोर्ट ने कहा, समय-सीमा अगर कर्ज पार भी कर जाए तो भी चेक बाउंस होने पर एनआई एक्ट के तहत मामला बनेगा।
यह रहा हाईकोर्ट का अहम निर्देश
हाईकोर्ट के जस्टिस प्रमिल कुमार माथुर की एकल पीठ ने अहम फैसला देते हुए कहा, अगर कोई व्यक्ति समय-सीमा (time-barred debt) पार कर चुके कर्ज के लिए चेक जारी करता है और वह चेक डिशऑनर (बाउंस) हो जाता है, तो भी उसके खिलाफ नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट, 1881 की धारा 138 के तहत दायित्व (liability) बनता है। कोर्ट ने कहा कि भारतीय अनुबंध अधिनियम, 1872 की धारा 25(3) के तहत, जब देनदार किसी समय-सीमा पार कर्ज के भुगतान का लिखित और हस्ताक्षरित वादा करता है, तो वह कर्ज कानूनी रूप से लागू (legally enforceable) हो जाता है।
यह था मामला
शिकायतकर्ता ने आरोपी को 2009 में एक रकम उधार दी थी। इसके बदले आरोपी ने चार हस्ताक्षरित लेकिन बिना तारीख वाले चेक दिए, जिनकी प्रत्येक राशि ₹1,25,000 थी। बाद में इन चेकों पर 2013 में तारीख डालकर बैंक में जमा कराया गया, लेकिन सभी चेक “अपर्याप्त धनराशि (insufficient funds)” के कारण बाउंस हो गए। कानूनी नोटिस भेजने के बावजूद आरोपी ने भुगतान नहीं किया।
आरोपी की दलील
आरोपी ने माना कि चेक उसी के हस्ताक्षर वाले हैं, लेकिन दावा किया कि वे सुरक्षा (security) के रूप में दिए गए थे और कर्ज पहले ही चुका दिया गया था। उसने यह भी कहा कि कर्ज समय-सीमा पार हो चुका था, इसलिए कोई कानूनी देनदारी नहीं बची थी।
शिकायतकर्ता की दलील
शिकायतकर्ता ने कहा कि जब आरोपी ने चेक जारी करने और हस्ताक्षर करने की बात मान ली, तो NI Act की धाराएं 118 और 139 के तहत यह कानूनी अनुमान (presumption) बनता है कि चेक किसी देनदारी के भुगतान के लिए दिया गया था। साथ ही, Contract Act की धारा 25(3) के तहत समय-सीमा पार कर्ज का भुगतान करने का लिखित वादा वैध प्रतिफल (valid consideration) माना जाता है — और चेक उसी का प्रमाण है।
कोर्ट का निष्कर्ष
कोर्ट ने कहा, “चेक स्वयं एक लिखित वादा है। इसलिए जब समय-सीमा पार कर्ज के लिए चेक जारी किया जाता है और वह बाउंस होता है, तो धारा 138 के तहत दायित्व बनता है।” पीठ ने कहा कि अपील अदालत का यह निष्कर्ष गलत था कि समय-सीमा पार कर्ज कानूनी रूप से लागू नहीं था।
कोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट के दिए फैसलों का हवाल दिया
कोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले A.V. Murthy v. B.S. Nagabasavanna (2002), S. Natarajan v. Sama Dharman (2021) और K. Hymavathi v. State of A.P. (2023) — का हवाला देते हुए दोहराया कि समय-सीमा पार कर्ज के लिए चेक देना भी वैध स्वीकृति (valid acknowledgment) माना जाएगा।
‘सिक्योरिटी चेक’ का बचाव नहीं चलेगा
कोर्ट ने आरोपी का यह तर्क भी खारिज किया कि चेक केवल सुरक्षा के लिए दिया गया था। Bir Singh v. Mukesh Kumar (2019) और Sripati Singh v. State of Jharkhand (2022) मामलों का हवाला देते हुए कहा गया, “किसी वित्तीय लेनदेन में सुरक्षा के रूप में दिया गया चेक भी बेकार कागज़ नहीं है। अगर उधार राशि नियत समय पर वापस नहीं की जाती, तो ऐसा चेक प्रस्तुत किया जा सकता है, और उसके बाउंस होने पर धारा 138 लागू होगी।”
निचली अदालत का फैसला बहाल
जस्टिस माथुर ने कहा, “शिकायतकर्ता द्वारा दायर पुनरीक्षण याचिकाएं स्वीकार की जाती हैं और आरोपी की पुनरीक्षण याचिका खारिज की जाती है।” कोर्ट ने 6 अप्रैल 2018 को एडिशनल सेशंस जज नं.12, जयपुर मेट्रोपॉलिटन द्वारा दिए गए बरी करने के आदेश को रद्द कर दिया और 13 नवंबर 2017 को विशेष महानगर मजिस्ट्रेट (NI Act) द्वारा दी गई सजा और दोषसिद्धि को बहाल कर दिया।
इस प्रकार, सभी पुनरीक्षण याचिकाओं का निपटारा शिकायतकर्ता के पक्ष में किया गया।
HIGH COURT OF JUDICATURE FOR RAJASTHAN BENCH AT JAIPUR
S.B. Criminal Revision Petition No. 1305/2018Ratiram Yadav S/o Late Shriram Yadav, Aged About 45 Years, R/o Plot No.102, Anand Vihar A, Near Dadi Ka Phatak, Benad Road, Jhotwara, Jaipur, Raj V/S Gopal Sharma S/o Natthuram Sharma, Proprietor/owner Pooja Sanitary Through Address Plot No.32, Shyam Kunj Colony, Badliwadi Dhani, Charan Nadi II, Murlipura, Jaipur.
S.B. Criminal Revision Petition No. 626/2018
Gopal Sharma S/o Natthuram Sharma, Proprietor Owner Of Pooja Sanitary Through Address Plot No.32, Shyam Kunj Colony, Badliwadi Dhani, Charan Nadi II, Murlipura, Jaipur. V/S Ratiram Yadav S/o Late Shriram Yadav, R/o Plot No.102, Anand Vihar-A, Near Dadi Ka Phatak, Benar Road, Jhotwara, Jaipur.
S.B. Criminal Revision Petition No. 696/2018
Ratiram Yadav S/o Late Shriram Yadav, R/o Plot No.102, Anand Vihar-A, Near Dadi Ka Phatak, Benar Road, Jhotwara, Jaipur V/S Gopal Sharma S/o Natthuram Sharma, Proprietor Owner Of Pooja Sanitary Through Address Plot No.32, Shyam Kunj Colony, Badliwadi Dhani, Charan Nadi II, Murlipura, Jaipur.
S.B. Criminal Revision Petition No. 1183/2018
Ratiram Yadav S/o Late Shriram Yadav, Aged About 45 Years, R/o Plot No. 102, Anand Vihar-A, Near Dadi Ka Phatak, Benad Road, Jhotwara, Jaipur (Raj.) V/S Gopal Sharma S/o Natthuram Sharma, Proprietor/owner Pooja Sanitary Through Address- Plot No. 32, Shyam Kunj Colony, Badliwadi Dhani, Charan Nadi-II, Murlipura, Jaipur
S.B. Criminal Revision Petition No. 1258/2018
Ratiram Yadav S/o Late Shriram Yadav, Aged About 45 Years, R/o Plot No.102, Anand Vihar A, Near Dadi Ka Phatak, Benad Road, Jhotwara, Jaipur, Raj.
V/S Gopal Sharma S/o Natthuram Sharma, Proprietor/owner Pooja Sanitary Through Address Plot No.32, Shyam Kunj Colony, Badliwadi Dhani, Charan Nadi II, Murlipura, Jaipur.

