HomeSupreme CourtChild Trafficking: बच्चों की तस्करी के मामलों में बेल देने पर भी...

Child Trafficking: बच्चों की तस्करी के मामलों में बेल देने पर भी होगी जांच…जरूरत पड़ी तो खुद संज्ञान लेंगे

Child Trafficking: सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार से बच्चों की तस्करी रोकने के लिए उठाए गए कदमों पर विस्तृत रिपोर्ट मांगी है।

बच्चों की तस्करी के आरोपियों को बेल दिए जाने पर भी सवाल

शीर्ष कोर्ट ने कहा कि दिल्ली में बच्चों की तस्करी बड़े पैमाने पर हो रही है, जो बेहद गंभीर मामला है। जस्टिस जेबी पारदीवाला और जस्टिस आर महादेवन की बेंच ने इस मामले में सुनवाई करते हुए कहा कि बच्चों की तस्करी के आरोपियों को बेल दिए जाने पर भी सवाल उठते हैं। कोर्ट ने कहा कि यह देखा जाएगा कि बेल कैसे दी गई और राज्य सरकार ने इसका विरोध कैसे किया।

नि:संतान दंपतियों को बेचते हैं चोरी किया बच्चा

जस्टिस पारदीवाला ने कहा, “हमें बताया गया है कि मुख्य आरोपी को बेल मिल गई है। ऐसे में हमें यह देखना होगा कि बेल कैसे दी गई और राज्य सरकार ने क्या आपत्ति जताई। जरूरत पड़ी तो हम खुद बेल आदेशों पर संज्ञान लेंगे। दिल्ली सरकार की ओर से पेश वकील ने कोर्ट को बताया कि हाल ही में दो और बच्चों को रेस्क्यू किया गया है, जिन्हें उनके माता-पिता ने बेच दिया था। मुख्य आरोपी को गिरफ्तार किया गया था, लेकिन बाद में उसे बेल मिल गई। सुनवाई के दौरान कोर्ट को बताया गया कि यह एक बड़ा अंतरराज्यीय गिरोह है, जो बच्चों को अगवा कर राजस्थान, बिहार और झारखंड जैसे राज्यों में नि:संतान दंपतियों को बेचता है।

मीडिया रिपोर्ट से लिया संज्ञान

सुप्रीम कोर्ट ने इससे पहले एक मीडिया रिपोर्ट पर संज्ञान लिया था, जिसमें बताया गया था कि दिल्ली में नवजात बच्चों को अगवा कर बेचने वाले गिरोह का भंडाफोड़ हुआ है। रिपोर्ट में कहा गया था कि यह गिरोह राजस्थान और गुजरात के दूरदराज गांवों और अस्पतालों को निशाना बनाता था। नवजात बच्चों को दिल्ली की झुग्गियों में रखा जाता था और फिर 5 से 10 लाख रुपए में बेचा जाता था।

अस्पताल की लापरवाही पर लाइसेंस रद्द करने का निर्देश

15 अप्रैल को सुप्रीम कोर्ट ने एक अहम फैसला सुनाते हुए कहा था कि अगर किसी अस्पताल से नवजात की तस्करी होती है, तो उस अस्पताल का लाइसेंस तुरंत रद्द किया जाए।

सभी राज्यों को दिए थे दिशा-निर्देश

कोर्ट ने नवजात बच्चों की तस्करी रोकने के लिए सभी राज्यों को दिशा-निर्देश जारी किए थे। कोर्ट ने कहा था कि इन निर्देशों के पालन में कोई भी लापरवाही अदालत की अवमानना मानी जाएगी।

इलाहाबाद हाईकोर्ट के बेल आदेश रद्द किए

सुप्रीम कोर्ट ने इससे पहले इलाहाबाद हाईकोर्ट द्वारा बच्चों की तस्करी के आरोपियों को दी गई बेल पर भी नाराजगी जताई थी और उन बेल आदेशों को रद्द कर दिया था।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular

Patna
haze
25 ° C
25 °
25 °
61 %
4.6kmh
75 %
Fri
25 °
Sat
22 °
Sun
30 °
Mon
34 °
Tue
37 °

Recent Comments