CIC Hearing: दिल्ली हाईकोर्ट ने बुधवार को केंद्रीय सूचना आयोग (सीआईसी) को वर्चुअल सुनवाई कराने का निर्देश देने से इनकार कर दिया।
फिजिकल और वर्चुअल दोनों तरीकों से सुनवाई की मांग थी
कोर्ट ने कहा कि इसके लिए बड़े स्तर पर इंफ्रास्ट्रक्चर में निवेश की जरूरत है। यह टिप्पणी पत्रकारों की उस याचिका पर आई, जिसमें उन्होंने सीआईसी की सुनवाई में फिजिकल और वर्चुअल दोनों तरीकों से शामिल होने की अनुमति मांगी थी। मुख्य न्यायाधीश डीके उपाध्याय और जस्टिस अनीश दयाल की डिवीजन बेंच ने याचिकाकर्ताओं से कहा कि फिजिकल सुनवाई के लिए वे सीआईसी से संपर्क करें, क्योंकि इस संबंध में पहले से ही आयोग का आदेश मौजूद है। वर्चुअल सुनवाई के मुद्दे पर कोर्ट ने कहा कि याचिकाकर्ता इस मामले में सुप्रीम कोर्ट जाएं, क्योंकि वहां पहले से ही यह मुद्दा लंबित है।
कई हाईकोर्ट अब तक ऑनलाइन नहीं हो पाए हैं: कोर्ट
कोर्ट ने कहा- यह इतना आसान नहीं जितना आप समझ रहे हैं। कई हाईकोर्ट्स अब तक ऑनलाइन नहीं हुए हैं, क्योंकि इसमें कई तकनीकी और व्यावहारिक समस्याएं हैं। ऑनलाइन सुनवाई की अनुमति है, लेकिन ऑनलाइन स्ट्रीमिंग की नहीं। आम जनता को यह समझना होगा कि इसके लिए बड़े स्तर पर इंफ्रास्ट्रक्चर की जरूरत होती है। कोर्ट ने आगे कहा, अगर आप आम जनता को वर्चुअल सुनवाई में शामिल होने की सुविधा देने की मांग कर रहे हैं, तो इसके लिए जरूरी तकनीकी ढांचा तैयार करना होगा। यह सिर्फ वर्चुअल कोर्ट की बात नहीं है, बल्कि इसके लिए बड़ा निवेश जरूरी है।

