COIN News: केंद्र सरकार ने दिल्ली हाईकोर्ट को बताया है कि फिलहाल 50 रुपए का सिक्का लाने की कोई योजना नहीं है, क्योंकि लोग सिक्कों के मुकाबले नोट को ज्यादा पसंद करते हैं।
जनहित याचिका पर सुनवाई
यह जानकारी सरकार ने एक जनहित याचिका के जवाब में दी, जिसमें दृष्टिबाधित लोगों के लिए 50 रुपए और उससे कम मूल्य के नोट और सिक्के आसानी से पहचानने योग्य बनाने की मांग की गई थी। मुख्य न्यायाधीश डी.के. उपाध्याय और जस्टिस अनीश दयाल की बेंच ने बुधवार को सुनवाई के दौरान कहा कि सरकार की ओर से दाखिल जवाब रिकॉर्ड पर नहीं है, इसलिए उसे रिकॉर्ड में लाने की प्रक्रिया पूरी की जाए। इसके बाद कोर्ट ने सुनवाई टाल दी।
आरबीआई के सर्वे में सामने आया- लोग 10 और 20 के सिक्कों से ज्यादा नोट पसंद करते हैं
कॉइन एंड करेंसी डिवीजन के अंडर सेक्रेटरी की ओर से दाखिल हलफनामे में बताया गया कि 2022 में आरबीआई ने एक सर्वे किया था, जिसमें यह पता चला कि 10 और 20 रुपए के सिक्कों की तुलना में लोग नोट का ज्यादा इस्तेमाल करते हैं। इसी आधार पर 50 रुपए का सिक्का लाने की कोई योजना नहीं बनाई गई है।
दृष्टिबाधितों के लिए 2019 में लाए गए थे नए डिजाइन के सिक्के
सरकार ने बताया कि दृष्टिबाधित लोगों की सुविधा के लिए मार्च 2019 में एक नई सीरीज के सिक्के जारी किए गए थे। इनमें 1, 2, 5, 10 और 20 रुपए के सिक्के शामिल हैं, जिन्हें इस तरह डिजाइन किया गया है कि दृष्टिबाधित लोग उन्हें आसानी से पहचान सकें।
50 रुपए का सिक्का लाने का फैसला कई फैक्टर पर निर्भर करेगा
सरकार ने कहा कि 50 रुपए का सिक्का लाने का फैसला सिर्फ दृष्टिबाधितों की जरूरतों पर नहीं, बल्कि आर्थिक जरूरत, लोगों की स्वीकार्यता जैसे कई पहलुओं पर निर्भर करेगा। फिलहाल इस पर कोई विचार नहीं किया जा रहा है।
2016 में आई महात्मा गांधी (नई) सीरीज के नोटों में हैं पहचान के फीचर
सरकार ने बताया कि 2016 में जारी महात्मा गांधी (नई) सीरीज के नोटों में दृष्टिबाधितों के लिए कई पहचान योग्य फीचर जोड़े गए हैं। 100 रुपए और उससे ऊपर के नोटों में उभरी हुई (इंटैग्लियो) प्रिंटिंग के जरिए एंगलर ब्लीड लाइन्स दी गई हैं, जिससे उन्हें छूकर पहचाना जा सके।
10, 20 और 50 के नए नोटों में नहीं है उभरी प्रिंटिंग
सरकार ने बताया कि 10, 20 और 50 रुपए के नए नोटों में उभरी हुई प्रिंटिंग नहीं है, क्योंकि इन नोटों का इस्तेमाल ज्यादा होता है और बार-बार हाथ में आने से उभरी प्रिंटिंग जल्दी घिस जाती है। इससे इन फीचर्स को बनाए रखना मुश्किल होता है और लागत भी बढ़ती है। इन नोटों में मूल्य भी उभरे हुए अक्षरों में लिखा गया है, जिससे दृष्टिबाधित लोग उन्हें छूकर पहचान सकें।
पुराने और नए नोटों में अंतर से हो सकती है भ्रम की स्थिति
सरकार ने माना कि 2016 से पहले और बाद के नोटों में अंतर के कारण कुछ भ्रम हो सकता है, लेकिन जैसे-जैसे पुराने नोट चलन से बाहर होंगे, नए नोटों की पहचान दृष्टिबाधितों के लिए आसान हो जाएगी।
मोबाइल ऐप से नोट की पहचान में मदद
सरकार ने बताया कि दृष्टिबाधितों की मदद के लिए 2020 में ‘मोबाइल एडेड नोट आइडेंटिफायर’ ऐप लॉन्च किया गया था, जिससे वे नोट की वैल्यू पहचान सकते हैं।
हर नोट में अलग पहचान चिह्न
- 2000 रुपए के नोट में क्षैतिज आयत
- 500 रुपए के नोट में गोल आकृति
- 200 रुपए के नोट में ‘H’ अक्षर
- 100 रुपए के नोट में त्रिकोण

