Monday, February 16, 2026
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Court News: अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत केस की सुनवाई एस्प्लानेड मजिस्ट्रेट कोर्ट में स्थानांतरित, CBI का यह था आवेदन

Court News: मुम्बई की एक अदालत ने केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) को अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की मौत के मामले में दायर क्लोजर रिपोर्ट की सुनवाई को एक नामित अदालत में स्थानांतरित करने की अनुमति दे दी।

जहर देने और गला घोटने के आरोपों को मेडिको लीगल रिपोर्ट में उल्लेख नहीं

केंद्रीय जांच एजेंसी ने पिछले महीने इस मामले में अपनी क्लोजर रिपोर्ट बांद्रा मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट की अदालत में दाखिल की थी। CBI ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) के फॉरेंसिक विशेषज्ञों ने अंतिम चिकित्सा-कानूनी (मेडिको-लीगल) मत में जहर देने और गला घोंटने के आरोपों को खारिज कर दिया था। सीबीआई ने मजिस्ट्रेट के.सी. राजपूत को सूचित किया कि वह इस मामले की सुनवाई एस्प्लानेड मजिस्ट्रेट कोर्ट में स्थानांतरित करने के लिए मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के समक्ष एक आवेदन दायर करेगी, क्योंकि एस्प्लानेड कोर्ट CBI मामलों की सुनवाई के लिए नामित है। मजिस्ट्रेट केसी राजपूत ने इसे अनुमति दे दी और कहा कि एजेंसी को उपयुक्त अदालत से इस मामले के स्थानांतरण के लिए संपर्क करना होगा।

14 जून 2020 में अभिनेता ने लगाई थी फांसी

अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत 14 जून, 2020 को मुंबई के बांद्रा इलाके में स्थित अपने अपार्टमेंट में फांसी पर लटके पाए गए थे। उस समय उनकी उम्र 34 वर्ष थी। केंद्रीय एजेंसी ने यह जांच बिहार पुलिस से अपने हाथ में ली थी, जिसने पटना में अभिनेता के पिता केके सिंह की शिकायत पर आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज किया था।
अपने शिकायत में राजपूत के पिता ने आरोप लगाया था कि उनके बेटे की कथित गर्लफ्रेंड रिया चक्रवर्ती और उसके परिवार वालों ने उनके बेटे के पैसे का दुरुपयोग किया।

रिया ने आरोपों से किया था इंकार

रिया ने इन आरोपों से टीवी इंटरव्यू में इनकार किया था। CBI ने रिया चक्रवर्ती और अभिनेता के करीबी लोगों के बयान दर्ज किए थे और राजपूत की मेडिकल रिपोर्ट भी एकत्र की थी। रिया चक्रवर्ती ने अभिनेता की बहन प्रियंका और एक डॉक्टर के खिलाफ भी शिकायत दर्ज करवाई थी, जिसमें उन्होंने उन पर सुशांत की मौत के लिए जिम्मेदार होने का आरोप लगाया था। CBI की क्लोजर रिपोर्ट में दोनों प्राथमिकी (FIR) में नामित सभी व्यक्तियों को आरोपों से मुक्त कर दिया गया।

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