Madras HC: मद्रास हाईकोर्ट ने तमिलनाडु के विल्लुपुरम जिले के कोट्टाकुप्पम में तैनात डिप्टी सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस (डीएसपी) सुनील को सस्पेंड करने का आदेश दिया है।
2024 में सेंथामरई नाम की दलित महिला की शिकायत थी
कोर्ट ने कहा कि एससी-एसटी एक्ट के तहत दर्ज एक केस में डीएसपी ने गंभीर प्रक्रिया संबंधी गलती की है। यह मामला 2024 में सेंथामरई नाम की दलित महिला की शिकायत से जुड़ा है। कोर्ट ने कहा कि डीएसपी सुनील ने केस को कानून के मुताबिक मजिस्ट्रेट के पास भेजने की बजाय सीधे जिला कलेक्टर को भेज दिया। कोर्ट ने इसे पूरी तरह गलत और कानून के खिलाफ बताया। बेंच ने कहा, “डीएसपी सुनील की प्रक्रिया पूरी तरह अवैध है और यह कानून के स्पष्ट निर्देशों का गंभीर उल्लंघन है।”
न्याय से इनकार की स्थिति बन सकती है: कोर्ट
कोर्ट ने चेतावनी दी कि इस तरह की प्रक्रिया से खासकर कमजोर वर्गों को न्याय से वंचित किया जा सकता है। कोर्ट ने कहा, “केस की फाइल कोर्ट में पेश किए बिना सीधे कलेक्टर को भेजना गंभीर प्रक्रिया संबंधी गड़बड़ी है।”
सभी पुलिस अफसरों को निर्देश देने को कहा
कोर्ट ने डीएसपी सुनील के सस्पेंशन के साथ-साथ डीजीपी को निर्देश दिया कि वे तमिलनाडु के सभी पुलिस अफसरों को स्पष्ट आदेश जारी करें। इसमें यह बताया जाए कि सीआरपीसी की धारा 173 के तहत जांच पूरी होने के बाद फाइनल रिपोर्ट संबंधित स्पेशल कोर्ट में ही पेश की जानी चाहिए। इसके साथ आरसीएस (रिपोर्ट ऑन कम्प्लीशन ऑफ इन्वेस्टिगेशन) नोटिस भी देना जरूरी है।

