FOSTER CARE: केंद्र सरकार ने कहा, छह वर्ष से कम उम्र के बच्चों को फोस्टर केयर (पालक देखभाल) में नहीं भेजा जाएगा।
केंद्रीय दत्तक ग्रहण संसाधन प्राधिकरण ने किया स्पष्टीकरण
केंद्र सरकार ने हाल ही में नियमों की अलग-अलग व्याख्या को लेकर उठी आशंकाओं के बाद यह स्पष्टीकरण दिया गया है। केंद्रीय दत्तक ग्रहण संसाधन प्राधिकरण (CARA) ने कार्यालय ज्ञापन जारी कर स्पष्ट किया कि जेजे रूल्स की नियम 23(3) और मॉडल फोस्टर केयर गाइडलाइंस 2024 के मुताबिक केवल 6 साल या उससे अधिक उम्र के बच्चे ही फोस्टर केयर के पात्र होंगे। कारा ने चेतावनी दी कि इससे कम उम्र के बच्चे को फोस्टर केयर में रखना नियमों का उल्लंघन माना जाएगा। यह निर्देश सभी राज्य दत्तक एजेंसियों, जिला बाल संरक्षण इकाइयों और विशेष दत्तक एजेंसियों को भेजा गया है।
फोस्टर केयर क्यों?
यह प्रणाली उन बच्चों के लिए है जिन्हें उनके जैविक माता-पिता नहीं पाल सकते, लेकिन जिन्हें कानूनी तौर पर गोद लेने के लिए मुक्त घोषित नहीं किया गया है। इसका उद्देश्य है बच्चों को संस्थागत देखभाल की बजाय परिवार जैसा माहौल देना।
आंकड़े बताते हैं बड़ी तस्वीर
- 2021-22: 29,331 बच्चे गैर-संस्थागत देखभाल में
- 2022-23: 62,675 बच्चे
- 2023-24: 1,21,861 बच्चे
- यानी तीन साल में संख्या चार गुना से ज्यादा बढ़ गई है।

