KL-COURT: केरल की एक अदालत ने कहा है कि मुख्यमंत्री पिनराई विजयन के खिलाफ नव केरल सदा कार्यक्रम के दौरान हुई हिंसा के मामले में केस दर्ज करने के लिए राज्यपाल की मंजूरी जरूरी है।
हिंसा मामले में केस दर्ज करने की मांग
एर्नाकुलम के मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत ने यह टिप्पणी कांग्रेस नेता की याचिका पर सुनवाई के दौरान की। यह याचिका एर्नाकुलम जिला कांग्रेस कमेटी (डीसीसी) के अध्यक्ष मुहम्मद शियास ने दायर की थी। उन्होंने 2023 में राज्य सरकार के इस आउटरीच कार्यक्रम के दौरान हुई हिंसा की घटनाओं को लेकर मुख्यमंत्री के खिलाफ केस दर्ज करने की मांग की थी।
जनप्रतिनिधियों पर केस के लिए भी मंजूरी जरूरी
कोर्ट ने यह भी कहा कि किसी भी जनप्रतिनिधि के खिलाफ केस दर्ज करने के लिए राज्यपाल की मंजूरी जरूरी होती है। अदालत इस मामले की अगली सुनवाई 1 नवंबर को करेगी।
कार्यक्रम के दौरान कई जगहों पर हिंसा
नव केरल सदा कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री को काले झंडे दिखाने पर केरल स्टूडेंट्स यूनियन और यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं के साथ कथित रूप से सीपीआई(एम) की युवा इकाई डेमोक्रेटिक यूथ फेडरेशन ऑफ इंडिया (डीवाईएफआई) और मुख्यमंत्री की सुरक्षा में तैनात कर्मियों ने मारपीट की थी। ये घटनाएं राज्य के कई हिस्सों में हुई थीं।

