SC News: सुप्रीम कोर्ट ने उत्तर प्रदेश, हरियाणा और राजस्थान सरकारों को निर्देश दिया कि वे राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में पटाखों पर पूरी तरह से रोक लगाएं।
कोर्ट के आदेश पालन नहीं होने पर सख्ती
जस्टिस अभय एस. ओका और जस्टिस उज्जल भुइयां की बेंच ने कहा कि इन राज्यों को पर्यावरण संरक्षण अधिनियम (EPA) की धारा 5 के तहत आदेश जारी कर पटाखों के निर्माण, बिक्री, भंडारण और ऑनलाइन डिलीवरी पर पूरी तरह से रोक लगानी होगी। कोर्ट ने कहा कि इस आदेश को लागू करने के लिए राज्यों की कानून प्रवर्तन एजेंसियों को पूरी गंभीरता से काम करना होगा। कोर्ट ने कहा कि अगर आदेशों का पालन नहीं हुआ तो संबंधित अधिकारियों और एजेंसियों के खिलाफ कोर्ट की अवमानना की कार्रवाई की जाएगी।
EPA की धारा 5 की व्याख्या
EPA की धारा 5 के तहत केंद्र सरकार किसी अधिकारी या संस्था को प्रदूषण नियंत्रण के लिए निर्देश दे सकती है। कोर्ट ने कहा कि राज्य सरकारें पटाखों पर प्रतिबंध को सख्ती से लागू करें और इसके लिए एक प्रभावी व्यवस्था बनाएं। साथ ही, इस प्रतिबंध और EPA की धारा 5 के तहत लगाई गई सजा की जानकारी को व्यापक रूप से प्रचारित करें।
पटाखों की बिक्री पर ढील देने से शीर्ष कोर्ट का इनकार
सुप्रीम कोर्ट ने 3 अप्रैल को भी NCR में पटाखों के निर्माण, भंडारण और बिक्री पर लगी रोक में ढील देने से इनकार कर दिया था। कोर्ट ने कहा था कि दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण लंबे समय तक खतरनाक स्तर पर बना रहता है और सड़क पर काम करने वाले लोग सबसे ज्यादा प्रभावित होते हैं। हर कोई एयर प्यूरीफायर नहीं खरीद सकता। कोर्ट ने यह भी कहा कि अगर ‘ग्रीन पटाखों’ से होने वाला प्रदूषण न्यूनतम नहीं है, तो पुराने आदेशों पर पुनर्विचार का कोई सवाल ही नहीं उठता। पटाखों पर सिर्फ दिवाली के आसपास रोक लगाने को कोर्ट ने बेअसर बताया। कोर्ट ने कहा कि लोग पहले से ही पटाखे खरीद और स्टोर कर सकते हैं, इसलिए सालभर प्रतिबंध जरूरी है।
दिसंबर 2023 में कोर्ट ने दिया था आदेश
दिसंबर 2023 में कोर्ट ने यूपी और हरियाणा सरकारों को आदेश दिया था कि वे दिल्ली सरकार की तरह पटाखों पर पूरी तरह से रोक लगाएं। दिल्ली सरकार ने सालभर के लिए पटाखों के निर्माण, भंडारण, बिक्री और ऑनलाइन डिलीवरी पर पूरी तरह से रोक लगा दी थी। कोर्ट ने कहा कि जब तक NCR के अन्य राज्य भी ऐसा प्रतिबंध नहीं लगाते, तब तक इसका असर नहीं दिखेगा। राजस्थान सरकार ने भी NCR क्षेत्र में आने वाले अपने हिस्से में ऐसा प्रतिबंध लगाया है। कोर्ट ने यह टिप्पणी 1985 में दायर एम.सी. मेहता की याचिका पर सुनवाई के दौरान की, जिसमें दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों में वायु प्रदूषण को रोकने के लिए निर्देश मांगे गए थे।
यह रहे फैसले के मुख्य बिंदु
- सुप्रीम कोर्ट ने NCR में पटाखों पर पूरी तरह से रोक लगाने का आदेश दिया।
- आदेश का पालन न करने पर अवमानना की कार्रवाई की चेतावनी दी।
- EPA की धारा 5 के तहत प्रतिबंध लागू करने को कहा।
- दिल्ली सरकार पहले ही सालभर के लिए प्रतिबंध लागू कर चुकी है।
- कोर्ट ने कहा, दिवाली के आसपास रोक लगाने से कोई फायदा नहीं।
- सभी राज्यों को प्रतिबंध की जानकारी का व्यापक प्रचार करने का निर्देश।

